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नगर पालिका परिषद का चुनाव सकुशल हुआ संपन्न

चप्पे-चप्पे पर नगर प्रशासन की रही पैनी नजर सी0डी0ओ0, जिला अधिकारी, एडीएम, सीओ व पुलिस अधीक्षक अपने दस्ते के साथ बूथों का करते रहे निगरानी अतुल श्रीवास्तवगोण्डा। चुनाव आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश गोण्डा जिले में सकुशल संपन्न कराया गया नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत का चुनाव। चुनाव की तिथि तय होते ही…

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चप्पे-चप्पे पर नगर प्रशासन की रही पैनी नजर सी0डी0ओ0, जिला अधिकारी, एडीएम, सीओ व पुलिस अधीक्षक अपने दस्ते के साथ बूथों का करते रहे निगरानी

अतुल श्रीवास्तव
गोण्डा। चुनाव आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश गोण्डा जिले में सकुशल संपन्न कराया गया नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत का चुनाव। चुनाव की तिथि तय होते ही प्रत्याशियों ने अपनी अपनी ताकत अपने को विजय बनाने के लिए झोंक रखी थी। गली चौराहे पर नुक्कड़ नाटक, नुक्कड़ सभा एवं गली दरवाजों पर जाकर अपने समर्थकों के साथ अपने को विजई बनाने के लिए खेले सभी दांवपेच। लेकिन आज सभी के मिले मत उनके मतदान पेटियों में हुए कैद। नगर प्रशासन सुबह से ही प्रत्येक मतदान बूथों पर कर रहा था निगरानी और सकुशल संपन्न हुआ मतदान। जनपद में मतदान का कार्य प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ हुआ था तत्पश्चात नकाब में औरतों की लंबी-लंबी कतारें देखी गई लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता गया दूसरे धर्मों के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर मतदान में लिया हिस्सा और किया अपने मतदान का प्रयोग। जहां एक तरफ साइकिल पर चुनाव लड़ रही उज्मा राशिद अपने पति व अपने समर्थकों के साथ बूथों का निरीक्षण करती रही वहीं दूसरी ओर सत्तापक्ष के चुनाव चिन्ह कमल का फूल पर चुनाव लड़ रही श्रीमती लक्ष्मीराय चंदानी के पति राजेशराय चंदानी, महेंद्र सिंह, दीपक अग्रवाल व कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बूथों का निरीक्षण करते रहे इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री स्वर्गीय पंडित सिंह के भतीजे सूरज सिंह भी मौके का जायजा लेते रहे जबकि भारतीय जनता पार्टी से टिकट न मिलने से नाराज निर्मल श्रीवास्तव की पत्नी संध्या श्रीवास्तव चुनाव चिन्ह लट्टू से मैदान में रहीं। निर्मल भी अपने समर्थकों के साथ खूब करते रहे निगरानी और अपने पक्ष में मत डालने की करते रहे गुहार। इसी बीच निर्मल श्रीवास्तव ने यह भी आरोप लगाया था कि प्रशासन हमारा प्रवेश पत्र लेकर फाड़ देना चाहता है और मुझे धमकाने की कोशिश कर रहा है लेकिन नगर प्रशासन ने बड़ी सूझबूझ और चतुराई से काम लेते हुए मामले को ठंडा किया खैर इन सब के बावजूद यह चर्चा जोरों पर रही थी शायद इस बार लट्टू को ही ताज मिले जबकि सत्ता पक्ष ने मोदी और योगी के काम का हवाला देते हुए यह कहना शुरू कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी ही मारेगी बाजी जबकि साइकिल चुनाव के समर्थक एक बार फिर वो उज्मा राशिल को देखना चाहते हैं।

नगर पालिका परिषद गोंडा की सीट पर इन सब के बावजूद अब देखना यह होगा कि मतदान पेटी में किसका भाग्य बंद है और लगभग 62 प्रतिशत पड़े वोटों में कौन भारी पड़ता है और किसके सर ताज होता है। अब यह आने वाले 13 मई को मतगणना के परिणाम से तय होगा।