अतुल श्रीवास्तव
बदलता स्वरूप गोण्डा। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के हर जिले में नगर पालिका व नगर निकाय का चुनाव हुआ संपन्न। मतगणना 13 को होना तय, गोंडा में त्रिकोणीय लड़ाई में जहां एक तरफ भाजपा चुनावी खेल खेलते हुए अपने को विजय मान रही है वहीं जातीय समीकरण का खेल खेलने में माहिर समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी उज्मा राशिद ने अपने आपको समीकरण में विजय पा रही हैं और दोनों पार्टियों के समर्थकों ने पहले से ही अपने को विजय मानकर विजय उत्सव के मनाने की तैयारी प्रारंभ कर दी है। एक जानकारी के मुताबिक पार्टियों के समर्थकों ने लड्डू का आर्डर भी भेज दिया है। अब देखना यह है कि ऊंट किस करवट बैठता है। उधर भारतीय जनता पार्टी के बागी निर्दलीय प्रत्याशी निर्मल श्रीवास्तव की पत्नी संध्या श्रीवास्तव चुनाव मैदान में रही और ऐसा कहा जाता है कि निकाली गई रैली में एक आकलन के मुताबिक लगभग 20,000 से 22हजार व्यक्ति मौजूद थे। उन्ही को समीकरण मानते हुए अपने आप को लट्टू वाले प्रत्याशी भी विजय मान रहे हैं और लट्टू के समर्थकों ने अपने क्षेत्रीय मिष्ठान के दुकानों पर लड्डू बनाने वालों को ऑर्डर दे रखा है।
सूत्रों के मुताबिक तो क्या साइकिल और कमल के पीछे लट्टू ही मारेगा बाजी। जानकार बताते हैं कि भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारियों ने निर्मल श्रीवास्तव को अपना समर्थन दे रखा था। साथ ही पूर्व अध्यक्ष कमरुद्दीन के न रहने पर अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ समर्थकों ने पलटी मारते हुए निर्मल का साथ दिया। तो क्या जनता ने मान लिया कि नगर पालिका परिषद गोण्डा की कुर्सी पर लट्टू ही बैठेगा या कोई और मारेगा बाजी यक्ष प्रश्न?








