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पुलिसिया उत्पीड़न पर लालगंज में वकीलों का चढ़ा पारा

बदलता स्वरूप लालगंज, प्रतापगढ़। लखनऊ में पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार की जानकारी होने पर शुक्रवार को यहां भी वकीलों का पारा चढ़ा दिखा। वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर सरकार से दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की आवाज उठाई। लखनऊ में गुरूवार को इंदिरा नगर थाने मे अधिवक्ताओं व पुलिसकर्मियों के…

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बदलता स्वरूप लालगंज, प्रतापगढ़। लखनऊ में पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार की जानकारी होने पर शुक्रवार को यहां भी वकीलों का पारा चढ़ा दिखा। वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर सरकार से दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की आवाज उठाई। लखनऊ में गुरूवार को इंदिरा नगर थाने मे अधिवक्ताओं व पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हुई थी। इसकी जानकारी यहां वकीलों तक पहुंची तो वकीलों ने पुलिसकर्मियों पर साथी अधिवक्ताओं के साथ अभद्र आचरण किये जाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश ने आम सभा में कहा कि लखनऊ में पुलिसकर्मियो द्वारा थाने मे समस्या को लेकर गये अधिवक्ताओं के साथ अमानवीय व्यवहार निंदनीय है। रूरल बार एसोशिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने कहा कि यूपी सरकार प्रदेश भर में पुलिस द्वारा वकीलों के साथ दुर्व्यवहार की वारदातों पर की गयी कार्रवाई को लेकर श्वेत पत्र जारी करे। सभा का संचालन महामंत्री धीरेन्द्र शुक्ल व संयोजन उपाध्यक्ष लाल विनोद सिंह ने किया।

इसके बाद वकीलों ने परिसर में एसडीएम कार्यालय के सामने पुलिस के खिलाफ घंटो नारेबाजी की। सभा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेन्द्र चतुर्वेदी, पूर्व अध्यक्ष राधारमण शुक्ल, बेनीलाल शुक्ल, रामलगन यादव, दिनेश सिंह, विपिन शुक्ल, जान्हवी प्रताप सिंह, शैलेन्द्र सिंह, रामअंजोर तिवारी, प्रभात श्रीवास्तव, राजेश भारती, राजेश्वर यादव, राजेश तिवारी, शिव नारायण शुक्ल, जटाशंकर यादव, करूणाशंकर मिश्र, हरिश्चंद्र पाण्डेय, सुजीत तिवारी, मस्तराम पाल, कमाल अहमद, तपन पाण्डेय, घनश्याम संवरिया आदि अधिवक्ता रहे।