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भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही बनता है कावंड यात्रा उठाने का संयोग-राजेश पाण्डे

बदलता स्वरूप अयोध्या। सावन मास के पवित्र माह में भगवान भोले नाथ की पूजा विधि विधान पूर्वक करने से सारे पुण्य की प्राप्ति होती हैं। भगवान भोले नाथ की कृपा अपने भक्तों पर अवश्य होती है उक्त बातें श्री अयोध्या तीर्थ पुरोहित धर्माथ सेवा ट्रस्ट अयोध्या के अध्यक्ष राजेश पाण्डेय ने श्रावण मास पर सभी…

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बदलता स्वरूप अयोध्या। सावन मास के पवित्र माह में भगवान भोले नाथ की पूजा विधि विधान पूर्वक करने से सारे पुण्य की प्राप्ति होती हैं। भगवान भोले नाथ की कृपा अपने भक्तों पर अवश्य होती है उक्त बातें श्री अयोध्या तीर्थ पुरोहित धर्माथ सेवा ट्रस्ट अयोध्या के अध्यक्ष राजेश पाण्डेय ने श्रावण मास पर सभी भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कही। श्री पाण्डेय ने कहा कि अयोध्या में आने वाले सभी भक्तों शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अयोध्या जैसे पावन धाम जिसकी महिमा हर जगह है जहाँ पर एक बार दर्शन कर लेने के बाद , भगवान भोले नाथ की कृपा हो जाती हैं और उसके समस्त पाप जन्म जन्मांतर बन जाता हैं। अयोध्या धाम से माँ सरयू का पवित्र जल से भगवान भोले नाथ का जलाभिषेक का शास्त्रों में विशेष रूप से महत्व हैं। भगवान श्रीराम जी की अयोध्या नगरी का अपना एक महत्व है। जहाँ सभी नागेश्वर नाथ जी की दिव्य पूजा अर्चना का वर्णन किया गया है।

अयोध्या मे एकादशी के दिन से ही कवाड की शुरुआत हो जाती। “अवधपुरी मम पुरी सुहावन, उत्तर दिशि बह सरयू पावन” अयोध्या मे लाखों की संख्या में श्रदालु पहुँच गए हैं और माँ सरयु में स्नान ध्यान करके श्री राम जन्मभूमि, भगवान श्री हनुमान जी का दर्शन और अन्य मंदिरों का भी दर्शन करने के साथ लोग यहाँ से कांवड लेकर अपने अपने क्षेत्र में प्रस्थान कर रहे हैं। श्री पाण्डेय ने कहा कि सभी श्रधालुओं को मेरी तरफ से कांवड यात्रा की शुभकामनाएँ भगवान भोलेनाथ की कृपा बरसती रहे।