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आई फ्लू को लेकर घबरायें नहीं, सतर्क रहें-जिलाधिकारी

बदलता स्वरूप श्रावस्ती। जिलाधिकारी कृतिका शर्मा ने बताया है कि आईफ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सतर्क रहकर आंखों के संक्रमण से खुद को बचा सकते हैं। आई फ्लू को पिंक आई या कंजक्टिवाइटिस भी कहा जाता है, जो कि बारिश के मौसम में होने वाली एक आँखों की समस्या है। आई फ्लू…

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बदलता स्वरूप श्रावस्ती। जिलाधिकारी कृतिका शर्मा ने बताया है कि आईफ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सतर्क रहकर आंखों के संक्रमण से खुद को बचा सकते हैं। आई फ्लू को पिंक आई या कंजक्टिवाइटिस भी कहा जाता है, जो कि बारिश के मौसम में होने वाली एक आँखों की समस्या है। आई फ्लू आंखों के सफेद हिस्से में संक्रमण हो जाता है। आई फ्लू के ज्यादातर मामले सर्दी-खांसी वाले वायरस की वजह से बढ़ते हैं। बरसात में फंगल इन्फेक्शन समेत हवा में प्रदूषण वातावरण में नमी जैसी समस्यायें बढ़ जाती है। जिसकी वजह से आंखों से जुड़ी परेशानियां होने लगती है। जिलाधिकारी ने बताया कि बारिश के गंदे पानी में नहाने या फिर लंबे समय तक पसीने में काम करने से आंखों में इंफेक्शन की समस्या हो जाती है। इसके अलावा आई फ्लू से पीड़ित लोगों के साथ हाथ मिलाने और गंदे हाथों से आंखो को छूने एवं पीड़ित व्यक्ति के कपड़े प्रयोग करने से आई फ्लू होने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होने आई फ्लू से प्रभावित लोगों को विषेश सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आईफ्लू की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आते हैं।

सभी स्कूल कालेज भी सतर्क रहें। यदि किसी बच्चे को आंखों का संक्रमण है। तो उसे अवकाश प्रदान करें। स्वस्थ्य बच्चों से उससे दूर बैठाएं। उन्होने बताया कि आई फ्लू के सामान्यतः लक्षण जैसे-आंखें लाल होकर सूजन आना, आंखों में सफेद रंग का कीचड़ दिखाई देना, आंखों से लगातार पानी आना, खुजली, दर्द और गड़न महसूस होना, पलकों पर सूजन होना, आंखों में आस-पास की त्वचा में सफेद या लाल दाग होना, धुंधला नजर आना, पलकें आपस में चिपकना तथा तेज रोशनी खराब लगना आदि लक्षण हो सकते है। इसके लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है, जैसे-हाथो को नियमित अंतराल पर साबुन से जरूर धोएं, आंखों को छूने से पहले व बाद हाथ धोने से संक्रमण का खतरा कम रहता है। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखे हाथ बिल्कुल न मिलाएँ आंखो में जलन होने और लाल होने पर स्वच्छ पानी से धोएं, गन्दे हाथ आंखो के पास न ले जाएं, आंखों को खुजाएं नही, आंखो पर चश्मा जरूर लगाएं। अपनी निजी संसाधनो जैसे-तौलिया, तकिया, आई कास्मेटिक्स (आंखों के मेक-अप) आदि को, किसी से साझा न करें। अपने रूमाल, तकिये के कवर, तौलिये आदि चीजों को रोज धोएं, टीवी या मोबाइल देखने से बचें।

उन्होने बताया कि आई फ्लू होने पर अपनी आंखों को गुनगुने पानी से साफ करें, आंखों को साफ करने के लिए किसी साफ और सूती कपड़े का प्रयोग करें, आई फ्लू के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।