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डीएम नेहा शर्मा की पहल, गोंडा में निराश्रित गोवंशों को मिलेगा एक ‘नया घर

शस्त्र रखने वाले हर व्यक्ति को गोवंश गोद लेने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित बदलता स्वरूप गोंडा। निराश्रित गोवंश के पोषण और उनकी देखभाल के लिए समर्पित योगी सरकार ने उनकी सुरक्षा और संरक्षा के लिए अब एक और कदम उठाया है। इसके तहत जनपद गोंडा में शस्त्र रखने वाले हर व्यक्ति के लिए…

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शस्त्र रखने वाले हर व्यक्ति को गोवंश गोद लेने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित

बदलता स्वरूप गोंडा। निराश्रित गोवंश के पोषण और उनकी देखभाल के लिए समर्पित योगी सरकार ने उनकी सुरक्षा और संरक्षा के लिए अब एक और कदम उठाया है। इसके तहत जनपद गोंडा में शस्त्र रखने वाले हर व्यक्ति के लिए एक-एक गोवंश को गोद लेने की व्यवस्था लागू की गई है। इस पहल को जनपद में निराश्रित गोवंशों की समस्या के समाधान के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही निराश्रित गोवंश के लिए ‘नए घर’ का रास्ता भी साफ हो गया है। उल्लेखनीय है कि जनपद के सभी 12 हजार 42 शस्त्र अनुज्ञापियों को जिला प्रशासन की ओर से कम से कम एक-एक गोवंश सहभागिता योजना में लेने के निर्देश दिए गए हैं। गोद लेने पर गोवंश के पोषण और देखभाल हेतु पशुपालन विभाग गोद लेने वाले को प्रति गोवंश प्रति माह 1500 रुपए का भुगतान भी करेगा। डीएम नेहा शर्मा ने सभी एडीएम को इस संबंध में कार्यवाही सुनिश्चित करने के संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वह अपने सबडिवीजन क्षेत्र में प्रभारी निरीक्षक, थाना प्रभारी के माध्यम से सहभागिता योजना में शस्त्र अनुज्ञापियों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में थाना स्तर पर शस्त्र अनुज्ञापियों की बैठक का आयोजन किया जाएगा। बैठक में उन्हें निकटवर्ती गो-आश्रय स्थल से कम से कम एक गोवंश लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी तथा उनके सहयोगी अधिकारी के अतिरिक्त खण्ड विकास अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। बैठक में ही अनुज्ञापियों को गोवंश दिलाए जाने की औपचारिकताएं पूर्ण कराएंगे।

अधिकतम 4 गोवंश को लिया जा सकता है गोद सहभागिता योजना में कोई भी व्यक्ति अधिकतम 4 निराश्रित गोवंश को गोद ले सकता है। इसके एवज में प्रति गोवंश प्रति माह 1500 रुपए का भुगतान पशुपालन विभाग द्वारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सहभागिता योजना में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शस्त्र अनुज्ञापियों के लाइसेंस नवीनीकरण पर तथा नए शस्त्र लाइसेंस के आवेदन पत्र पर थाना एवं तहसील स्तर से आख्या प्रेषण के पूर्व आवेदक से सहभागिता योजना में गोवंश लेने संबंधी प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य किया जा सकता है। इससे योजना का व्यापक प्रचार प्रसार होगा तथा अधिक से अधिक लोगों द्वारा भागीदारी करने पर निराश्रित गोवंश की समस्या का प्रभावी समस्या का प्रभावी समाधान हो सकेगा।