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राष्ट्रीय लोक अदालत 9 दिसंबर को

आपसी सुलह समझौते से होगा मुकदमें का निस्तारण बदलता स्वरूप गोण्डा। आपसी सुलह समझौते के आधार पर मुकदमों को निपटाने के लिए सुनहरा मौका है। मुकदमों को निपटाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 9 दिसंबर को किया जायेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में…

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आपसी सुलह समझौते से होगा मुकदमें का निस्तारण

बदलता स्वरूप गोण्डा। आपसी सुलह समझौते के आधार पर मुकदमों को निपटाने के लिए सुनहरा मौका है। मुकदमों को निपटाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 9 दिसंबर को किया जायेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित कराया जा सकता है। लोक अदालत में मामलों के निस्तारण से पक्षकारों को काफी लाभ होते हैं। सुलह समझौते के आधार पर लोक अदालत में निस्तारित किए गए मामलों से पक्षकारों को कई लाभ मिलते हैं। लोक अदालत में निर्णित मुकदमे की किसी अन्य न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती है। लोक अदालत में मामला निश्तरित होने पर लोक अदालत का निर्णय ही अंतिम माना जाएगा एवं इसका निर्णय सिविल न्यायालय के निर्णय के समान ही बाध्यकारी होगा। इससे पक्षकारों के बीच सौहार्द बना रहेगा।

सभी संबंधित पक्षकारों के समय व धन की बचत होगी। अदा की गई कोर्ट फीस पक्षकारों को वापस हो जाती है। राष्ट्रीय लोक अदालत के ज़रिए से बैंक मामले, सिविल मुकदमों, भूमि अधिग्रहण मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद, पारिवारिक वादों, स्टाम्प वादों, उपभोक्ता फोरम वादों, राजस्व वादों, चकबंदी वादों, श्रम मामलों, नगर पालिका टैक्स वसूली मामलों, विद्युत अधिनियम के अन्तर्गत सुलह योग्य वाद, उत्तराधिकार संबंधी आदि प्रकरणों का निस्तारण किया जायेगा।