बदलता स्वरूप गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद में अपराजिता सामाजिक समिति, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में “बच्चों की न्याय तक पहुंच” कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है जिसके तहत जनपद को बाल अपराध, बाल श्रम, बाल विवाह मुक्त करने की मुहिम के साथ तेजी से कार्य किया जा रहा है।इसी क्रम में आज अपराजिता की टीम द्वारा जनपद के विकासखंड हलधरमऊ के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से क्षेत्र के प्रधान, ग्राम सचिव, एडीओ पंचायत, यूनिसेफ सलाहकार, सहायक चिकित्सा अधिक्षक, आशा,सफाई कर्मचारी तथा अन्य हित धारकों ने प्रतिभाग किया अपराजिता की ओर से विकास जायसवाल द्वारा समस्त प्रतिभागियों का अभिमुखीकरण किया गया साथ ही उक्त तीनों मुद्दों पर सहयोग करने हेतु तथा खुद के आधार पर भी कार्य करने हेतु शपथ दिलाई गई। यूनिसेफ सलाहकार सत्यवान ने बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम पर जानकारी दी व बाल सेवा योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ की जानकारी दी। इस दौरान विकासखंड के परिसर में ही हस्ताक्षर अभियान की भी शुरुआत हुई जिसमें लगभग 100 लोगों ने प्रतिभाग किया कार्यक्रम को संस्था के साथी आत्रेय त्रिपाठी, द्वारा संचालित किया गया।
एडीओ पंचायत ने अपराजिता के कार्य की सराहना की तथा ब्लॉक स्तर से हर संभव मदद की सांत्वना दी।
2030 तक विकास खंड को बाल विवाह मुक्त हेतु की घोषणा
बदलता स्वरूप गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद में अपराजिता सामाजिक समिति, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में “बच्चों की न्याय तक पहुंच” कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है जिसके तहत जनपद को बाल अपराध, बाल श्रम, बाल विवाह मुक्त करने की मुहिम के साथ तेजी से कार्य किया…

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