बदलता स्वरूप बहराइच। प्रदेश के महत्वपूर्ण मार्गों/सेतुओं तथा मार्गाे पर प्रवेश द्वार की स्थापना एवं अन्य सौन्दर्यीकरण के कार्य तथा धार्मिक स्थलों को मुख्य मार्गाे से जोड़ने हेतु मार्गाे के निर्माण, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण हेतु एकमुश्त व्यवस्था योजनान्तर्गत रूपईडीहा कस्बे से भारत-नेपाल राष्ट्र की सीमा पर रू. 643.28 लाख की लागत से इण्डो-नेपाल मैत्री द्वार के निर्माण कार्य हेतु शासन द्वारा प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए रू. 321.64 लाख की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। जनपद बहराइच की तहसील नानपारा के कस्बे रुपईडीहा में बाराबंकी-बहराइच-रुपईडीहा राष्ट्रीय मार्ग के अन्तिम चौनेज में प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य होना है। प्रवेश द्वार के लिए आवश्यक भूमि को भू-स्वामी से आपसी समझौते के आधार पर क्रय किया जा चुका है। प्रवेश द्वार कार्य का अनुबन्ध गठन प्रक्रियाधीन है। अनुबन्ध गठन के छः माह की अवधि के अन्दर प्रवेश द्वार का निमार्ण कार्य पूरा करा लिया जायेगा।
यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि प्रवेश द्वार के निर्माण का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि प्रदेश के पड़़ोसी देशों/राज्यों से आने वाले पर्यटकों/नागरिकों में प्रदेश की अच्छी छवि का निर्माण हो सके। डीएम ने बताया कि सीमा पर चिकित्सालय, स्कूल/कालेज, किसान मण्डी, पर्यटन, मनोरंजन आदि की उच्च स्तरीय सुविधाएं विकसित की जायेंगी। इसके अलावा प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर के विद्यालयों, बाज़ारों, हास्पिटल एवं बस स्टैण्ड आदि को भी अपग्रेड किया जायेगा। जिससे आम जनमानस, पर्यटकों, श्रद्धालुओं को सीमा पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
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