बदलता स्वरूप बालपुर/गोण्डा। श्री मद् भगवद फाउण्डेशन द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण एवं रूद्र चंडी महायज्ञ में कथा कहते हुए डॉ.कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने बताया कि अशांत एवं इस संसार सागर में भटकते हुए व्यक्ति को देवी भागवत महापुराण सुनने मात्र से उनका चित्त सदा के लिए शांत हो जाता है राजा जनमेजय अपने पिता राजा परीक्षित की मृत्यु के दुख से जब अशांत थे तो आस्तिक मुनि ने आकर उनको समझाया और आस्तिक मुनि ने बताया कि आपका जो चित्त अशांत है अगर आप देवी भागवत सुनेंगे तो आपका चित्त सदा के लिए शांत हो जाएगा तब राजा जनमेजय ने देवी भागवत सुनकर के अपने चित्त को सदा के लिए शांत किया इस यज्ञ के यज्ञाचार्य पंडित अतुल शास्त्री जी महाराज सहायक आचार्य पंडित सूरज शास्त्री पंडित राकेश शास्त्री मुख्य अतिथि एडवोकेट दिनेश मिश्रा प्रखर सूरज शुक्ला हेमंत अनिल अंजनी दीपू सुरेश सोनू सत्यम रविशंकर छोटू मोहित तिवारी भवानी पंकज ऋतिक और बहुत भारी संख्या में श्रोता समुदाय देवी भागवत कथा श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बना रहा है।
अशान्त एवं भटके व्यक्ति को सही मार्ग दिखाती है देवी भागवत की कथा-डॉ.कौशलेन्द्र शास्त्री
बदलता स्वरूप बालपुर/गोण्डा। श्री मद् भगवद फाउण्डेशन द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण एवं रूद्र चंडी महायज्ञ में कथा कहते हुए डॉ.कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने बताया कि अशांत एवं इस संसार सागर में भटकते हुए व्यक्ति को देवी भागवत महापुराण सुनने मात्र से उनका चित्त सदा के लिए शांत हो जाता है…

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