देश एवं प्रदेश सरकार किसानों की उन्नतशील खेती के लिए लगातार है प्रयासरत- विधायक

शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए मिलेट्स की है अहम भूमिका- जिलाधिकारी

बदलता स्वरूप श्रावस्ती। खान-पान संबंधी व्यवहार, मोटे अनाज का निजी जीवन में उपयोग किये जाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा उ0प्र0 मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम 2023-24 के अन्तर्गत जनपद स्तर पर दो दिवसीय श्री अन्न कार्यशाला/जागरूकता कार्यक्रम का डी0पी0आर0सी0 भवन में आयोजन किया गया। जिसका मा0 विधायक रामफेरन पाण्डेय एवं जिलाधिकारी कृतिका शर्मा ने फीता काटकर एवं द्वीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया। इस दौरान कार्यक्रम में मिलेट्स अनाजों एवं विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल भी लगाये गये, जिसका मा0 विधायक एवं जिलाधिकारी ने अवलोकन भी किया। साथ ही मिलेट्स के फायदे बताने वाले जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है। इस दौरान मिलेट्स को दैनिक जीवन के उपयोग में लाने हेतु प्ररित करने के लिए उप निदेशक कृषि द्वारा बनाये गये गीत का प्रस्तुतीकरण कराकर शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि देश एवं प्रदेश सरकार किसानों को उन्नतशील खेती के लिए लगातार प्रयासरत है। देश एवं प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत मिलेट्स का उत्पादन किये जाने हेतु किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। मिलेट्स के उत्पादन से हमारे शरीर को स्वस्थ्य भोजन प्राप्त होगा। उन्होने कहा कि पहले हम सभी लोग मिलेट्स का भोजन में अधिक प्रयोग करते थे। जिससे न केवल हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है। अपितु हमें सस्ते खाद्यान्नों से ही सभी पोषक तत्व प्राप्त हो जाते थे और हम शारीरिक रूप से अधिक ऊर्जावान और सक्षम होते थे। हमें गेहूं और धान की उन्नतिशील प्रजातियां मिल जाने के बाद हमने धीरे-धीरे छोटे अनाजों को उगाना छोड़ दिया है। जिसे फिर से अपनाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ्य रहने के लिए जरूरी है कि हम सभी जो भोजन कर रहे है, उसमें पोषक तत्वों की मात्रा अधिक हो। क्योंकि जिस प्रकार का हमारा भोजन होता है, वैसे ही हमारे शरीर का विकास भी होता है। इसलिए जो भी हम खाना खाते है, उसमें न्यूट्रिशियन की मात्रा अधिक होनी चाहिए। इसलिए शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए मिलेट्स की अहम भूमिका है। इसी के तहत आज कृषि विभाग द्वारा मिलेट्स के बारे में जागरूक करने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर इस वर्ष को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि मिलेट्स को हम मोटे अनाज के प्रचलित नाम से जानते हैं, जिनको अब उनकी पोषक महत्ता को देखते हुए श्री अन्न के नाम से पुकारे जाने की अपील देश के प्रधानमंत्री जी द्वारा की गई है। जिनमे कोदों, सावां, कुटकी, काकुन, रागी, ज्वार, बाजरा और रामदाना प्रमुख हैं। भारत के विभिन्न राज्यों में इनकी खेती व्यापक पैमाने पर की जा रही है, जिससे कृषक कम लागत में ही धान और गेहूं जैसी फसलों के बराबर मुनाफा कमा रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि इन अनाजों में कीड़े-मकोड़े आदि का प्रकोप बहुत कम होता है और इनको लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है, जिससे बाजार मूल्य में उतार चढ़ाव के असर से भी बचा जा सकता है। जनपद के ऐसे सभी क्षेत्र जो सिंचाई की सुविधा से वंचित हैं और समस्याग्रस्त हैं उनमें भी इनको आसानी से उगाया जा सकता है।इस दौरान उप निदेशक कृषि ने बताया कि किसान बन्धु मिलेट्स उत्पादन कर जनपद को कृषि क्षेत्र में नये आयाम प्राप्त कराने में अपनी अहम भूमिका निभा सकते है। उन्होने कहा कि जनपद में श्री अन्न की खेती के लिये एक विस्तृत प्लान तैयार कर चरणबद्ध ढंग से कृषकों की हैंड होल्डिंग करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होने कहा कि इसके लिये ग्राम स्तर पर निरन्तर प्रशिक्षणों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में कृषक प्रेरित हो रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केन्द्र के डॉ0 रोहित पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर अपर जिला कृषि अधिकारी अश्वनी यादव, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी मुनव्वर अली, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि गिलौला प्रकाश चन्द्र, विनय कुमार तिवारी, एस0एस0बी0के जवान सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।