आनन्द गुप्ता/आकाश जायसवाल
बदलता स्वरूप बहराइच। देश की आजादी में अपना अमूल्य योगदान देने वाले महापुरुषों के सत्याग्रह का केन्द्र बिंदु रहा घण्टाघर विगत कई दशकों से अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर रहा।प्रदेश का सबसे अधिक बड़ा और खूबसूरत घण्टाघर और पार्क के दिन अब बहुरने को हैं। जानकारों के अनुसार घंटाघर का निर्माण ब्रिटिश काल में अंग्रेजों ने कराया था। यहां से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आजादी के लिए सत्याग्रह का बिगुल फूंका वहीँ घंटाघर मैदान में प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के साथ अन्य नेताओं के आंदोलन का भी गवाह रहा है।यहाँ के बुजुर्ग बताते हैं कि घड़ी चलने के साथ ही घंटा बजने से लोगों को समय की जानकारी मिलती थी।
घण्टाघर के पुराने अस्तित्व को बचाने और उसे सँवारने के साथ ही उसका खोया हुआ वैभव वापस दिलाने के लिए नगरपालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुधा देवी ने नगर के नागरिकों से जो वादा किया था उसे अमली जामा पहनाने का काम क्रम बद्धता के साथ शुरू कर दिया गया है। नपाप अध्यक्ष प्रतिनिधि श्यामकरन टेकड़ीवाल ने बताया कि नगरवासियों को अब घण्टाघर दिन में समय के साथ घण्टे की आवाज सुनकर समय की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे वहीँ दूसरी तरफ रात्रि में घण्टाघर तिरंगा फ़साड लाइटिंग होने से मनमोहक रूप में दिखेगा। जीर्णोद्धार हेतु प्रदेश की नामचीन विक्टोरिया कम्पनी के कारीगर अशोक गोयल और उनकी टीम को कमान सौंपी है।श्री टेकड़ीवाल ने घण्टाघर का बारीकी से निरीक्षण कर कार्यों में गतिशीलता लाने के निर्देश दिए हैं।
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