बदलता स्वरूप अयोध्या। रामनगरी की प्रतिष्ठित पीठ श्रीफटिक शिला आश्रम में साकेतवासी रामाज्ञा दास महाराज काे पांचवी पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया गया। साेमवार काे मंदिर प्रांगण में एक श्रद्धांजलि सभा आयाेजित हुई, जिसमें अयाेध्यानगरी के विशिष्ट संत-महंताें ने साकेतवासी रामाज्ञा दास काे भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस माैके पर फटिक शिला आश्रम के वर्तमान महंत सुकदेव दास ने बताया कि उनके गुरू भ्राता रामाज्ञा दास महाराज की पांचवी पुण्यतिथि श्रावण कृष्णपक्ष नवमी तिथि पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। गुरूदेव भगवान बगही सरकार व प्रभु श्रीसीताराम की कृपा है कि अयोध्या के संताें की सेवा करने का साैभाग्य, अवसर गुरू भाई के भंडारा माध्यम से प्राप्त हाेता है। हमारे गुरू भाई बहुत ही अच्छे साधक संत और शिष्य थे। गुरू के प्रति उनकी साधना थी। पूरा जीवन उन्होंने गुरू की सेवा एवं गुरू के बताए हुए रास्ते पर चलने में लगा दिया। वह गाै तथा संत सेवी रहे। संतत्व ताे उनमें देखते ही झलकता था। सेवा काे ही अपना धर्म माना। जीवन भर सेवा कार्याें में लगे रहे। अपने शिष्य-अनुयायियाें काे भी सेवा कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वह हमारे बीच नही हैं। लेकिन उनकी यश-कीर्ति सदैव हम सबके साथ रहेगी। मठ के वर्तमान महंत पधारे हुए संत-महंताें का स्वागत-सत्कार कर भेंट, विदाई दी। अंत में संत-महंत व भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया। पुण्यतिथि पर साकेतवासी महंत काे श्रद्धासुमन अर्पित करने वालाें में मणिरामदास दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, खाकचौक श्रीमहंत बृजमोहन दास, महंत राघवेंद्र दास वेदांती, कनक महल महंत सीताराम दास महात्यागी, हनुमानगढ़ी के सरपंच महंत रामकुमार दास, हनुमत सदन महंत अवधकिशाेर शरण, हनुमानकिला महंत परशुराम दास करतलिया भजनाश्रम महंत रामदास, महंत आनंद दास, नागा अभिषेक दास, महंत वीरेंद्र दास आदि रहे।
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