**बदलता स्वरूप दिल्ली। कहा जाता है मुश्किलें हैं रास्ते में, पर सफलता का इरादा है, हौंसला है बुलंद, मैं अपनों के सपनों की बातें करता हूँ। कुछ इसी तरह की जुनून जब व्यक्तियों में सत्यनिष्ठा से हो तो हमारे समाज कि मुश्किल आसान हो जाएगी। राष्ट्रीय मानवाधिकार फ़ोरम के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व समाजसेवी ईं आर के जायसवाल के द्वारा ट्रेनों में अनियंत्रित भीड़ को लेकर रेल मंत्रालय व एनएचआरसी को लिखे गए एक पत्र में संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था। इसको लेकर जहां मंत्रालय ने अपने सचिव को अग्रेषित किया है वहीं एनएचआरसी ने संज्ञान लेते हुए मामला संख्या 1045/90/0/2024 के तहत दर्ज किया है। श्री जायसवाल के अनुरोध पत्र का जबाब देते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग व एनआईसी ने संयुक्त रूप से जानकारी दिया है और इस पर जल्द निष्कर्ष निकालने का आश्वासन दिया गया है। बातचीत के दौरान समाजसेवी ईं आरके जायसवाल ने आगे बताया कि कुछ दिन पूर्व में लिखे गए अनुरोध पत्र में कहा था कि छठ पर्व को लेकर पूर्वांचल के क्षेत्रों में जाने वाली सभी ट्रेनों का एडवांस बुकिंग चार महीने पहले ही फूल हो चुकी है और कुछ ही दिनों में वेटिंग लिस्ट के लिए भी टिकट मिलना भी बंद हो गया है और सीटों के आरक्षण को लेकर रेलवे ने भी खेद प्रकट करना शुरू कर दिया है। पत्र में ध्यानाकर्षित कराते हुए कहा था कि कुछ साल पूर्व स्टेशनों पर अनियंत्रित भीड़ कि बजह से कई बार जान माल कि नुकसान भी हो चुकी है और अब यह ज्यादा संवेदनशील दिखाई दे रहा है। साथ ही पत्र के माध्यम से कहा था कि सुचारू रूप से अधिक से अधिक ट्रेनों की संचालन से देश के राजस्व वृद्धि में भी इजाफा होगा और इन सभी बातों व अनियंत्रित भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस सभी रूटों पर आधारभूत संरचना के साथ-साथ स्थायी नई ट्रेनों को चलाने कि मांग किया था। ताकि जान माल कि नुकसान व भाड़ी राष्ट्रीय क्षति से बचा जा सके। वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार एक्शन फोरम के अध्यक्ष व अधिवक्ता शुभम द्विवेदी ने इस गंभीर मामले को समाज कि उद्धार के प्रति निर्भीकता से आवाज़ उठा कर वरिष्ठ अधिकारी के संज्ञान में डालकर उनकी प्रतिक्रिया के साथ-साथ आश्वासन के लिए प्रसंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संगठन के सशक्तिकरण के मद्देनजर बहुत ही उपयोगी है और आगे संगठन सदस्यों से ऐसा ही आशा ब्यक्त करता हूं।
ट्रेनों में अनियंत्रित भीड़ को लेकर एनएचआरसी ने किया मामला दर्ज-ईं आरके जायसवाल
**बदलता स्वरूप दिल्ली। कहा जाता है मुश्किलें हैं रास्ते में, पर सफलता का इरादा है, हौंसला है बुलंद, मैं अपनों के सपनों की बातें करता हूँ। कुछ इसी तरह की जुनून जब व्यक्तियों में सत्यनिष्ठा से हो तो हमारे समाज कि मुश्किल आसान हो जाएगी। राष्ट्रीय मानवाधिकार फ़ोरम के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व समाजसेवी ईं…

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