बदलता स्वरूप लखनऊ। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल के मण्डल रेल प्रबन्धक आदित्य कुमार के मार्गदर्शन में तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डॉ0 बी.एन. चौधरी के नेतृत्व में आज “विश्व स्तनपान सप्ताह“ के अवसर पर ऐशबाग स्थित रेलवे पॉली क्लीनिक में जन जागृति अभियान के अन्तर्गत एक स्वास्थ्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 संजय तिवारी ने बताया कि ’विश्व स्तनपान सप्ताह’ वर्ष 1992 से मनाया जा रहा है। जो हर साल 1 से 7 अगस्त को वर्ष 1990 के ’इनोसेंटी’ घोषणा पत्र के उपलक्ष्य में अगस्त के प्रथम सप्ताह में मनाया जाता है। जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, स्वास्थ्य मंत्रालयों और सामाजिक संगठनों द्वारा समर्थन दिया जाता है। वार्षिक थीम में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली, कामकाजी महिलाएं, स्तनपान के विकल्पों के विपणन की अंतर्राष्ट्रीय संहिता, सामुदायिक समर्थन, पारिस्थितिकी, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, शिक्षा और मानवधिकार शामिल है। उन्होने बताया कि नवजात शिशु के लिए माँ का दूध अमृत सामान होता है। वह शिशु को गंभीर रोगों से बचता है। जन्म के एक घंटे के भीतर शिशु को माँ का दूध पिलाना आवश्यक होता है तथा छह माह तक शिशु को सिर्फ माँ का दूध पिलाना लाभकारी है। माँ के दूध से शिशु की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, बौद्धिक व मानसिक विकास होता है तथा माँ एवं बच्चे के मध्य भावनात्मक रिश्ता मज़बूत होता है। माँ के दूध को एक संपूर्ण आहार माना जाता है। इस अवसर पर डॉ कुमार उमेश, डॉ रूचिका, चिकित्सालय कर्मी, रेलकर्मी व उनके परिवारीजन उपस्थित थे।
Badalta Swaroop | बदलता स्वरुप Latest News & Information Portal