डा. सुरेश चन्द्र तिवारीबदलता स्वरूप परसपुर, गोण्डा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय परसपुर सेवा केन्द्र पर पावन पर्व रक्षाबंधन का त्योहार बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अनामिका बहन ने रक्षा बंधन का आध्यात्मिक रहस्य उद्घाटित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन एक परम पवित्र बंधन है जो आत्माओं को परमात्मा के अटूट प्रेम-बंधन में बांध कर, सभी नकारात्मक बंधनों से मुक्त कर देता है!रक्षाबंधन सनातन धर्म का महत्वपूर्ण पावन पर्व है, जो भाई-बहन के पवित्र बंधन का प्रतीक भी है। रक्षा और सुरक्षा का प्रतीक रक्षाबंधन का अर्थ है सुरक्षा का बंधन, यह पर्व भाई की बहन के प्रति सुरक्षा और देखभाल की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। रक्षाबंधन केवल भौतिक बंधन नहीं है, बल्कि यह दो आत्माओं के बीच आध्यात्मिक बंधन को भी दर्शाता है।रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, जो पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक है कर्तव्य और जिम्मेदारी का यह बंधन, यानी रक्षाबंधन भाइयों को अपनी बहनों के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। रक्षाबंधन प्रेम और स्नेह का प्रतीक है, जो भाई-बहन के बीच होता है। रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य भाई-बहन के बीच पवित्र बंधन, सुरक्षा, पवित्रता, कर्तव्य परायणता और प्रेम को भी दर्शाता है। पर यहां एक विचारणीय प्रसंग भी मन में उठता है कि मान लो बहन बड़ी है, भाई निहायत छोटा है, अथंवा बहन भाई से अलग गांव में व कहीं दूसरे देश तथा शहर में है तो भाई अपनी बहन की सुरक्षा कैसे कर सकता है? चूंकि दोनों में उम्र की दूरियां अथवां स्थान की दुरियां रूपी परिस्थिति भी तो है ऐसे में लौकिक भाई कैसे अपनी बहिनों की मदद कर सकता है। परमपिता परमात्मा भी हमारा सखा है, साथी है भाई है, सद्गुरू-है, पिता है “परमशिक्षक है, और परम रक्षक भी है। परमपिता परमात्मा को अपने आत्मिक भाई की दृष्टि कोण से रिस्ते बना कर रखेंगे तो निश्चित रूप से उनसे मदद मिलेगी इसमें संदेह नहीं है उदाहरण के रूप में द्रौपदी जी के लाज उन्होंने बचाईं थीं। उक्त अवसर पर डा0 शिवकुमार सिंह, डा० सीवेंद्र कुमार सिंह ‘जगदीश सोनी, डा० ए के सिंह, वी पी सिंह, शिव शंकर सोनी, तिलक राम वर्मा, अनूप सिंह, कमला प्रसाद सिंह, ज्ञान चंद चौधरी, इंद्र जीत सिंह राघवेन्द्र पाण्डेय पुत्तीलाल शर्मा, विपिन मिश्रा, राजन कुशवाहा, हरिश्चंद्र सिंह, डा०सुरेश चंद तिवारी, बृजेश कुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार तिवारी, दर्शन कुमार, मिथलेश मिश्रा, उमा, रमा, मन्ना, कोमल, रागिनी, अनुष्का बबिता, सुषमा आदि मौजूद रहीं।
रक्षाबंधन का त्योहार बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया
डा. सुरेश चन्द्र तिवारीबदलता स्वरूप परसपुर, गोण्डा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय परसपुर सेवा केन्द्र पर पावन पर्व रक्षाबंधन का त्योहार बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अनामिका बहन ने रक्षा बंधन का आध्यात्मिक रहस्य उद्घाटित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन एक परम पवित्र बंधन है जो आत्माओं को परमात्मा के अटूट प्रेम-बंधन में…

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