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गुप्तारघाट अयोध्या में कवच कंपनी का है साम्राज्य

निवासियों का आरोप है कि उनकी आजीविका पर खतरा महेन्द्र कुमार उपाध्याय बदलता स्वरूप अयोध्या। गुप्तार घाट का मामला वास्तव में गंभीर है। कवच कंपनी ने अयोध्या में अपने साम्राज्य का विस्तार करते हुए घाट पर दुकानों का सेट स्थापित किया है, जिससे स्थानीय लोगों की दुकानों और आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। स्थानीय…

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निवासियों का आरोप है कि उनकी आजीविका पर खतरा

महेन्द्र कुमार उपाध्याय बदलता स्वरूप अयोध्या। गुप्तार घाट का मामला वास्तव में गंभीर है। कवच कंपनी ने अयोध्या में अपने साम्राज्य का विस्तार करते हुए घाट पर दुकानों का सेट स्थापित किया है, जिससे स्थानीय लोगों की दुकानों और आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उनकी आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है और वे अपनी छोटी-छोटी दुकानों को भी नहीं चला पा रहे हैं। कवच कंपनी का दावा है कि उन्होंने इसके लिए उचित भुगतान किया है। इस संदर्भ में यह प्रश्न उठता है कि आखिर घाटों पर पक्की कब्जेदारी की अनुमति किसने दी? क्या यह निर्णय स्थानीय प्रशासन का था, या किसी उच्चस्तरीय प्राधिकरण ने इसे अनुमोदित किया है? स्थानीय लोग इसकी पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं और उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए उचित कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने की आवश्यकता है।