फर्स्ट फ्लोर में लगेंगे दरवाजे, तमिलनाडु और कन्याकुमारी के कारीगर बनाएंगे
बदलता स्वरूप अयोध्या। राम मंदिर के प्रथम तल का निर्माण पूरा हो चूका है। अब इसमें दरवाजे लगेंगे। गर्भगृह समेत अलग-अलग दरवाजों की पैमाइश का काम शुरू हो गया है। तमिलनाडु के कन्याकुमारी से आये कारीगर इसका निर्माण कर रहे है। ये सभी कारीगर मेसर्स अनुराधा टिम्बर हैदराबाद तेलंगाना से अनुबंधित हैं। इन्हीं कारीगरों ने ही सागौन की लकड़ियों के दरवाजे बनाए हैं।अब इन दरवाजों को गोल्ड प्लेटेड किया जाना है। इसके लिए अंतिम रूप से पैमाइश की जा रही है, जिससे कि गोल्ड प्लेट चढ़ाने के बाद नाप-जोख में कोई अंतर न आए। इसके पहले भूतल के दरवाजों का भी निर्माण करने के बाद इन कारीगरों ने ही नाप-जोख की थी।राममंदिर में लगेंगे 46 दरवाजे राम मंदिर के तीनों तलों को मिलाकर कुल 42 दरवाजे प्रस्तावित है, जिनमें तीनों तलों में 14-14 दरवाजों को लगना था। लेकिन भूतल के निर्माण के उपरांत दरवाजों की संख्या 14 से बढ़कर 18 हो गई, जिससे कुल संख्या 46 हो गयी। फिलहाल प्रथम व द्वितीय तल में 14-14 दरवाजे ही लगाए जाने हैं।राम मंदिर की निर्माण एजेंसी एल एण्डटी के परियोजना निदेशक वीके मेहता ने बताया “अभी प्रथम तल में दरवाजे लगेंगे लेकिन गर्भगृह के अतिरिक्त कितने अन्य दरवाजों पर गोल्ड प्लेट चढ़ाई जाएगी, इस बारे में अभी स्पष्ट रूप से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। दरवाजों स्वर्ण जड़ित करने का काम पिछली बार सूरत गुजरात के किसी श्रद्धालु की ओर से हुआ था।बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक 25 को प्राण-प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर होगा फैसला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक 25 नवंबर को प्रस्तावित है। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर किस तरह का आयोजन किया जाएगा, इस विषय पर मंथन होगा। बोर्ड के फैसले के मुताबिक आगे की योजना पर काम शुरू होगा।तीर्थ क्षेत्र ने निर्णय लिया है कि देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले संगीतज्ञों व शास्त्रत्त्ीय संगीत के कार्यक्रम नियमित रूप से नृत्य मंडप में ही किए जाएं। इसकी शुरुआत आठ नवम्बर को गीत रामायण के पाठ से होंगी।
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