बदलता स्वरूप ग्रुरूग्राम। मारुति कुंज सहित लगभग सौ से अधिक जगहों पर छठ घाट सहित आस्था व सूर्योपासना का अनुपम लोकपर्व छठ पूजा मुख्य रूप से देश में पूर्वांचल क्षेत्रों में ही नहीं देश के अन्य राज्यों सहित विदेशों में भी धूमधाम से मनाया जाने लगा हैं और विश्वभर में प्रसिद्ध हो गया है। यह सबसे पर्यावरण अनुकूल हिंदू त्यौहार है, साथ ही साम्प्रदायिक सौहार्द व भाईचारा को बढ़ावा देने बाले आस्था व मन्नत का पर्व हैं और लोगों के भावनाओं से भी जुड़ी हुई है। भारत सरकार को इस महापर्व को अब भारतीय त्योहारों अनुरूप में जोड़ना चाहिए। वहीं समस्त गुड़गांव में श्रद्धालुओं के लिए लगभग सौ से अधिक स्थायी और अस्थायी छट घाटों का निर्माण कर छठ पर्व का भव्य आयोजन किया गया, शीतला माता मंदिर पार्किंग सहित सेक्टर 45 के कन्हई गांव, मनकेश्वर मंदिर, झोंपड़ी वाला शिव मंदिर, कादीपुर, मारुति कुंज, कृष्णा कुंज, एकता वाली, बसई जोहड़, सैक्टर 102 सनसिटी एवेन्यू, न्यू पालम विहार, राजेंद्रा पार्क, सूरत नगर व आदि जगहों पर छठ घाट बनाए गए , जहां श्रद्धालु भाड़ी संख्या में उपस्थित होकर छठ पूजा मनाया। इसमें स्थानीय प्रशासन, संगठनों व जनप्रतिनिधियों द्वारा काफी सहयोग रहा।
विदेश में भी मनाया जा रहा छठ पूजा
बदलता स्वरूप ग्रुरूग्राम। मारुति कुंज सहित लगभग सौ से अधिक जगहों पर छठ घाट सहित आस्था व सूर्योपासना का अनुपम लोकपर्व छठ पूजा मुख्य रूप से देश में पूर्वांचल क्षेत्रों में ही नहीं देश के अन्य राज्यों सहित विदेशों में भी धूमधाम से मनाया जाने लगा हैं और विश्वभर में प्रसिद्ध हो गया है। यह…

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