उपकरणों का पहुंचना शुरू, खुशी में झूमे ग्रामीण
बदलता स्वरूप मधुबनी। अगर हो इरादें बुलंद, तो आंधियों में भी चिराग जलते हैं। बिहार के मधुबनी जिले के सिसवार गांव के ग्रामीण युवाओं द्वारा इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया। गांव में एक प्राथमिक उपचार केन्द्र के लिए वर्षों से चली आ रही की मांग को पहले अपनी बुलंद आवाज प्रदेश सरकार के कानों में पहुंचाई, फिर सर्वे उपरांत अनुमोदन के साथ बजट आवंटित किया गया फिर सोलह बेड वाला सिसवार अस्पताल बनकर तैयार। इसके बाद पिछले दिनों उपकरणों का पहुंचना शुरू हो गया है और इसपर ग्रामीणों कि खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ग्रामीण व प्रवासी युवा शक्ति द्वारा सोशल मीडिया से लेकर फोन वार्तालाप कर आपस में बधाई दी। वहीं युवा शक्ति के सदस्यों ने इसके लिए सबसे पहले ग्रामीण गण्यमान लोगों को स्वस्थ्य व शान्ति पूर्ण माहौल के बीच सुचारू रूप से अभियान के लिए मार्गदर्शन व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं क्षेत्रीय विधायक भरत भूषण सहित सभी मिडिया को आभार के साथ धन्यवाद दिया। राजघाट दिल्ली से समाज हित में शुरू कि गई एक अभियान अब कुछ ही दिनों में उद्घाटन समारोह में तब्दील होने वाला है और जल्द सरकारी आदेशों के बाद इसे सुचारू रूप से क्षेत्रीय लोगों के उपचार के लिए उपलब्ध होगा। इसमें कोई दोराय नहीं कि आनेवाले समय में प्रवासी व ग्रामीण युवा शक्ति के द्वारा इस उपलब्धि के लिए प्रदेश व देश के लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत होगा वहीं ग्रामीण इसकी मिसाल देंगे। जानकारी अनुसार प्रवासी व ग्रामीण युवा शक्ति सदस्यों द्वारा जल्द ही सोसायटी पंजिकरण के गांव के अन्य समस्याओं को खत्म किया जाएगा।
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