प्रथम विश्व ध्यान दिवस पर विशेष: मानसिक शांति और आत्म-जागरूकता का उत्सव

बदलता स्वरूप गोण्डा। प्रथम विश्व ध्यान दिवस के शुभ अवसर पर जिले के आवास विकास स्थित प्रेरणा पार्क में एक विशिष्ट ध्यान योग शिविर का आयोजन किया गया। इस योग शिविर में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग एवं युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। योगाचार्य सुधांशु द्विवेदी द्वारा उपस्थित समस्त योग साधकों को ध्यान का अभ्यास करवाया गया और ध्यान से होने वाले लाभ पर प्रकाश डाला गया। योगाचार्य सुधांशु द्विवेदी ने बताया कि इस साल 21 दिसम्बर से पहली बार विश्व ध्यान दिवस मनाया जा रहा है। जिसकी थीम आन्तरिक शान्ति, वैश्विक सद्भाव रखी गई है। इस दिन का उद्देश्य ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति, संतुलन और सकारात्मकता को बढ़ावा देना है। यह दिन न केवल ध्यान के महत्व को समझाने का प्रयास है, बल्कि यह एक आंदोलन है, जो समाज में मानसिक स्वास्थ्य और आत्मिक जागरूकता का प्रसार करेगा।
ध्यान दिवस का महत्व-
मानसिक शांति: ध्यान से तनाव और चिंता कम होती है।
शारीरिक स्वास्थ्य: यह शरीर को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है।
आत्मिक विकास: ध्यान आत्म-जागरूकता और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
सामाजिक कल्याण: समाज में शांति और सकारात्मकता का प्रसार होता है।
ध्यान शिविर के अंत में योगाचार्य सुधांशु द्विवेदी ने उपस्थित समस्त योग साधकों को संकल्प दिलाया कि हम सभी यह प्रण लें कि अपने जीवन में ध्यान को अपनाएंगे। इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे। दूसरों को भी ध्यान के लिए प्रेरित करेंगे। ध्यान करें, जीवन को सरल और सुखमय बनाएं। शिविर में विजय सिंह, अशोक सिंह, अनिरुद्ध सिंह शाही, शिव पूजन, अश्वनी श्रीवास्तव, मनीष दूबे, आशीष गुप्ता, बलराम, शमीम, डॉ शिव प्रताप वर्मा, डॉ राजेश श्रीवास्तव, विकास, नभ्य सिंह, रश्मि टण्डन, प्रतिभा, तृप्ति, ज्योति सिंह, मांडवी, जया, शालू, ललिता देवी, नीलम, पुष्कर श्रीवास्तव सहित अन्य जन भी मौजूद रहे।