बिना चुनाव अध्यक्ष स्वीकार नहीं: संतोष निषाद

निषाद राज जयंती सम्मान समारोह में हुआ बवाल

अयोध्या। भरतकुंड में रविवार को आयोजित निषाद राज जयंती समारोह के दौरान एक विवाद उठ खड़ा हुआ। रामदुलारे निषाद के सम्मान समारोह में समाज के कुछ लोगों ने श्यामलाल निषाद को निषाद समाज का निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया, जिससे समाज के अन्य लोग नाराज हो गए। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी को भी अध्यक्ष केवल चुनाव के बाद ही स्वीकार किया जाएगा। वहीं शहर की होटल में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए निषाद समाज के वरिष्ठ नेता संतोष निषाद ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बिना चुनाव के कोई भी व्यक्ति खुद को अध्यक्ष नहीं घोषित कर सकता। समाज ने यह तय किया कि अध्यक्ष का चयन जनवरी में होने वाले चुनाव के बाद किया जाएगा। तब तक अगर कोई खुद को अध्यक्ष बताता है, तो उसे अवैध और असंवैधानिक माना जाएगा। इस दौरान कई प्रमुख लोग जैसे रामशंकर निषाद, अच्छेलाल निषाद, अनिल निषाद और अन्य समाज के सदस्य समारोह में मौजूद रहे।