इसरार अहमद
बदलता स्वरूप श्रावस्ती। नेपाल सहित जिले में गुरुवार देर रात शुरू हुई बारिश रुक रुककर शनिवार सुबह तक जारी रही। ऐसे में नेपाल के कुसुम बैराज से आने वाले पानी के कारण राप्ती नदी का जलस्तर शुक्रवार रात करीब 2 बजे से तेजी से बढ़ने लगा, जो शनिवार को सुबह होते होते खतरे के निशान को पार कर 60 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। इससे कछार के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं नदी की उग्र लहरें तेजी से कटान भी कर रही हैं।जानकारी के अनुसार जिले में गुरुवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक 65 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही नेपाल में तेज वर्षा के कारण शुक्रवार रात 12 बजे से राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। जमुनहा के राप्ती बैराज पर गुरुवार शाम को जलस्तर 127.50 सेंटीमीटर मापा गया, जो खतरे के निशान 127.70 से 20 सेंटीमीटर कम था। शनिवार शाम 4 बजे जलस्तर 128.850 मापा गया्, जो खतरे के निशान से 115 सेंटीमीटर अधिक था। हालांकि दोपहर को 12 बजे तक नदी का जलस्तर स्थिर हो गया। इसके बाद शाम को फिर जलस्तर तेजी से बढ़ा।वहीं राप्ती नदी का रौद्र रूप देख कछार मे रहने वालों लोगो को एक फिर भीषण बाढ़ की आशंका सताने लगी। हलांकि सभी बाढ़ चौकीयां एलर्ट है प्रसाशन घटते बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है वहीं पुलिस की ओर से भी नदी किनारे बसे लोगो से ऊंचे स्थानों की ओर जाने के साथ साथ सावधानी बरतने की अपील की गयी है। भीषण बाढ़ की आशंका को लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र वीरपुर लौकिहा, बरँगा, सर्रा, सहित नदी आसपास के अन्य गाँवो के लोगो की धड़कने तेज़ है।ख़बर लिखें जाने तक उफ़नाई राप्ती नदी खतरे के निशान से 1 मीटर 15 सेंटीमीटर ऊपर निकलकर बह रही है। जानकारों की माने तो नदी अपना विकराल रूप धारण कर चुकी है यदि थोड़ा और जलस्तर मे वृद्धि हुयी तो भीषण बाढ़ तय है।
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