महेन्द्र कुमार उपाध्याय
बदलता स्वरूप अयोध्या। लक्ष्मण किला मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। कथा में शामिल होने के लिए राजस्थान, मध्यमप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और उत्तर प्रदेश के हजारों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हुए है। श्री बालाजी सेवा धाम के पीठाधीश्वर आचार्य बजरंग दास महराज ने कहा “जीवन में अच्छे रास्ते पर जाना है, तो हर व्यक्ति को संकल्पित होना जरूरी है, हर बच्चे को अपने माता-पिता की बातों को मानना चाहिए और सबसे बड़ा भगवान माता-पिता ही होता है, जिनके ऊपर माता-पिता का आशीर्वाद है, उन्हें संसार में सब कुछ प्राप्त है। माता-पिता को चाहिए अपने बच्चों को अपने संस्कृति और संस्कार के बारे में उन्हें सही जानकारी दे। साथ ही भगवत भजन के और अपने धर्म के प्रति अधिक से अधिक जानकारी दे। वेद पुराण और उपनिषद बच्चों को बनाते है, आत्मनिर्भर पीठाधीश्वर आचार्य बजरंग दास महराज ने कहा ” वेद पुराण ही नहीं सनातन धर्म की जितनी धार्मिक पुस्तकें है, वह मानव को आत्म शक्ति का बोध कराती है। आधुनिक समय की पढ़ाई के साथ ही, हमें अपने धर्म के बारे में भी जानना उतना ही जरुरी है। आधुनिक शिक्षा से आप नौकरी प्राप्त कर सकते है। हमारे वेद और पुराण आपको आत्मनिर्भर बनाते है। सासांसिक सुखों के साथ ही आध्यात्मिकता का भी बोध करते है। प्राण प्रतिष्ठा में राल लला को भगवत कथा सुनाने का लिया था संकल्प आचार्य बजरंग दास महराज ने दैनिक भास्कर को बताया “प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए अयोध्या आया था। तभी राम लला को भगवत कथा सुनाने का संकल्प लिया था। राम लला की कृपा से यह सौभाग्य जल्द मिल गया। भगवान को आज उनकी रही नगरी में कथा सुना रहा हूं। 25 अक्टूबर को पुर्णाहुति होगा,लक्षमण किला स्थित मंदिर में प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम छह बजे तक भागवत कथा का आयोजन होता है। 25 अक्टूबर को पूर्णाहुति के साथ श्री मद्भागवत कथा का समापन होगा। कथा में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात और बिहार से हजारों भक्त पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे है।

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