महेन्द्र कुमार उपाध्याय बदलता स्वरूप अयोध्या। अहंकार ने हमेशा सर्वनाश किया है, मनुष्य ने चाहे कितने भी सुकर्म किये हो और कितना भी विद्वान हो, यदि जरा भी अहंकार कर लिया तो पतन होना निश्चित है” उक्त उद्गार आचार्य रमाकांत गोस्वामी ने व्यक्त किए। राधे राधे ग्रूप, हैदराबाद के तत्वावधान में अयोध्या धाम स्थित श्रीरामचरित्रमानस भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महोत्सव के चौथे दिन रविवार को गजेंद्र मोक्ष का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास आचार्य रमाकांत गोस्वामी जी महाराज ने उपस्थित भक्तों से कहा कि जब भक्तों के जीवन में संकट आता है तो ईश्वर तारणहार बनकर मदद करने पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि संकट की घड़ी में जब कोई भी स्वजन साथ नहीं देते, तब भक्त की आर्तनाद (पुकार) केवल भगवान ही सुनते हैं, इसीलिए ईश्वर का आश्रय ग्रहण करनेवाले जीव का परमात्मा ही अपना और सगा है। उन्होंने आगे कहा कि अपना कल्याण चाहनेवाले को परमात्मा के शरणागत बनकर रहना चाहिए। श्रीमद्भागवत के प्रसंगाधीन कथा व्यास ने समुद्र मंथन का भी वर्णन किया।उन्होंने कहा कि जीवन में उन्नति के लिए सभी को उद्यम करते रहना चाहिए। समुद्र मंथन की तरह जीवन की उद्यमशीलता में यदा-कदा विष जैसा परिणाम भी मिलता रहता है,लेकिन संकट से बिना डरे संघर्ष करना ही श्रेयस्कर है. अंततोगत्वा अमृत रूपी फल भी प्राप्त होता ही है। समुद्र मंथन का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने बताया कि सत्य और असत्य की लड़ाई में भगवान सदा सर्वदा सत्य का ही साथ देते हैं। कथा व्यास द्वारा समुद्र मंथन, देवासुर संग्राम, भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की कथा, वामन बली चरित्र, मत्स्य अवतार, नरसिंह अवतार, वामन अवतार, श्रीराम अवतार की कथा विस्तारपूर्वक सुनायी गयी। उन्होंने संपूर्ण प्राणियों को आनंद देने वाले कृष्ण अवतार की कथा में “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ” भजन के माध्यम से कृष्ण जन्मोत्सव का मनोहर वर्णन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर भागवत कथा में उपस्थित श्रोतागण भाव विभोर होकर भक्ति में तल्लीन रहे. कथा पंडाल ””राधे राधे, जय श्री राधे ” की गूंज से गुंजायमान होता रहा। कथा संयोजक डॉ, चन्द्रकला अग्रवाल, सतीश गुप्ता, आशा गुप्ता, भगतराम गोयल, सुमन लता गोयल, रामप्रकाश अग्रवाल , सुनीता अग्रवाल, जगत नारायण अग्रवाल, राजकुमारी अग्रवाल,सुशील गुप्ता, शीतल गुप्ता, महेश अग्रवाल, बबीता अग्रवाल,अमित अग्रवाल, शीतल अग्रवाल, प्रेमलता अग्रवाल (बंजारा हिल्स) उपस्थित थे। भागवत कथा में विजय प्रकाश अग्रवाल, बीना अग्रवाल, रमेश चंद्र गुप्ता, सत्यभामा गुप्ता, प्रेमलता अग्रवाल, नंद किशोर अग्रवाल,मंजू अग्रवाल, अनिता शाह,राजेंद्र अग्रवाल, संतोष अग्रवाल (बगड़िया) , अविनाश गुप्ता, सरिता गुप्ता, ज्ञानेन्द्र अग्रवाल, गायत्री अग्रवाल, वेद प्रकाश अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, श्रीकिशन अग्रवाल, प्रेमलता अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, आशा अग्रवाल, बबीता गुप्ता, सुनीता गुप्ता, कौशल्या गुप्ता, पुष्पा अग्रवाल, अजय गोयल एवं कविता गोयल सहित सैकड़ों वैष्णवजन उपस्थित थे।
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