महेन्द्र कुमार उपाध्याय
बदलता स्वरूप अयोध्या। का० सु० साकेत महाविद्यालय, अयोध्या के स्नातक प्रथम सेमेस्टर में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं हेतु शासन के शासनादेश के अनुपालन में दीक्षारंभ कार्यक्रम के तृतीय दिवस का शुभारंभ छात्र-छात्राओं के पंजीकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण से शुरू हुआ। आज बी एस- सी बायो ग्रुप के प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं का कार्यक्रम जे पी एन सभागार हुआ। जिसके प्रभारी प्रो अरविंद कुमार शर्मा रहें। शर्मा जी ने विभागीय सहयोगियों का परिचय कराया। आइक्यूएसी प्रभारी प्रो आशुतोष सिंह ने छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और सेमेस्टर प्रणाली में परीक्षा संबंधी जानकारी दी। साथ ही छात्र-छात्राओं से कहा कि आप सजग सतर्क रहोगे तो आपको ही इसका लाभ मिलेगा । पाठ्यक्रम एवं परीक्षा से संबंधित अधिकृत व्यक्ति से ही संपर्क करें , गलत व्यक्ति से संपर्क में आने पर गलतियों की संभावना बढ़ जाती है। आप सभी अपने निर्धारित पाठ्यक्रम की कक्षाओं में अध्ययन करे, और विश्वविद्यालय के द्वारा निर्धारित समय-समय पर परीक्षाओं में अवश्य उपस्थित हो। जंतु विज्ञान विभाग के वरिष्ठ सहायक डॉ हरनाम सिंह लोधी ने कहा कि व्यक्तित्व विकास के लिए महाविद्यालय के सभी संसाधनों का प्रयोग करें। समस्याओं को देखकर ,आप अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण मनोयोग से प्रयास करें । वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ विपिन कुमार सिंह ने वनस्पति विज्ञान विषय का अध्ययन कैसे किया जाए और वनस्पति विज्ञान के माध्यम से आप किन-किन जगहों पर रोजगार हेतु अवसर प्राप्त कर सकते हैं का विस्तृत चित्रण प्रस्तुत किया। महाविद्यालय के मुख्य नियंता प्रो अशोक कुमार मिश्र ने रामचरितमानस में श्री हनुमान जी का उदाहरण देते हुए छात्र-छात्राओं से कहा कि जब आप किसी कार्य को करने के लिए चलते हैंऔर उस कार्य के प्रति आपके मन में प्रसन्नता आती है तो अवश्य ही वह कार्य सत प्रतिशत सफल होगा । साथ ही तुलसी दास जी द्वारा रचित चौपाई *कवन सुकाज कठिन जग माहि, जो नहीं हुई तात तुम कर पाही* का जिक्र करते हुए कहा कि आप अगर अपने पूरे मनोयोग से अपने लक्ष्य के प्रति ,ईमानदारी से कार्य करेंगे तो वह लक्ष्य आपको अवश्य प्राप्त होगा। महाविद्यालय मे छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय सेवा योजना, रोवर्स रेंजर , एन सी सी आर्मी, नेवल विंग सहित महाविद्यालय में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों, छात्रवृति ,कौशल विकास आदि के संदर्भ में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो अभय कुमार सिंह ने कहा कि व्यक्ति की खुद को नियंत्रित करने की क्षमता उसे ईमानदारी से, शक्ति से और नियमित रूप से काम करने में सक्षम बनाती है। इस क्षमता की अनुपस्थिति विपत्तियों का कारण बन सकती है। किसी व्यक्ति के जीवन में अभ्यास- सामंजस और व्यवस्था प्रदान करता है।वह व्यक्ति को जवाब ,दे ही लेना और सम्मान प्रदर्शित करना सीखना है। साथ ही जीवन में आत्म अनुशासन अति आवश्यक है। यह अपनी कमजोरी पर काबू पाना और नकारात्मक भावनाओं के आगे ना झुकने की ताकत देता है। प्रो अरविंद कुमार शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। आज के दीक्षारंभ कार्यक्रम में प्रो आशीष प्रताप सिंह ,डॉ संदीप वर्मा, डॉ अवधेश कुमार शुक्ला, डॉ प्रभात श्रीवास्तव,डॉ अखिलेश सिंह, डॉ रमेश प्रताप सिंह, डॉ विनय कुमार सिंह, डॉ महेंद्र, डॉ प्रशांत कुमार सहित विभिन्न प्राध्यापक प्राध्यापिकाएं उपस्थिति रहे। उपरोक्त जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रो आशुतोष त्रिपाठी ने दी।
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