बदलता स्वरूप बहराइच। जीवन में मेहनत, हिम्मत और लगन से बड़ी से बड़ी कल्पना साकार होती है। सच्ची लगन तथा सच्चे उद्देश्य से किया हुआ प्रयास कभी निष्फल नहीं जाता। यह बात सृजन संस्था हेमरिया गांव टिकोरा मोड़ बहराइच में जैनस इनीशिएटिव्स के संस्थापक डॉ पंकज कुमार श्रीवास्तव ने मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करते हुए कही अपने संबोधन में आगे कहा कि परिश्रम ही जीवन की सफलता का रहस्य है, छात्रवृत्ति उन जरूरतमंद बच्चों को दी जाती है जो पढ़ने में अच्छे एवं कमजोर वर्ग से आते हैं, पैसों की कमी से प्रतिभावान छात्रों की पढ़ाई नहीं रुकेगी। संस्था द्वारा 12वीं पास छात्रों को 12000 रूपये सालाना स्कॉलरशिप 3 वर्षों तक दिया जाता है। मुख्य अतिथि बहराइच नगर विधायिका अनुपमा जायसवाल ने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवार या गरीब परिवारों के लिए एक अच्छे स्कूल में पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है, ऐसे में जरूरत मंद लोगों को ऐसी योजना जो अपने बच्चों को पढ़ाई में आर्थिक मदद मिल रही है या एक सराहनीय कार्य है। परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत का दरवाजा खोल देती है। सच्चे लगन, धैर्य और मेहनत के बल पर ही सफलता संभव है। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ एस के वर्मा ने कहा कि बच्चे इस स्कॉलरशिप के महत्व को समझें और अच्छी पढ़ाई कर उच्च पद पर अग्रसर हो आगे चलकर वह भी ऐसे किसी की जरूरतमंद की हेल्प करें। गायत्री तिवारी, आदर्श सिंह, आराध्या सिंह, अवंतिका मिश्रा, शिखा शर्मा को सर्टिफिकेट एवं स्कॉलरशिप का चेक दिया गया। इसके साथ साथ जैनस इनीशिएटिव्स के साथ सामाजिक कार्य में सहयोग करने में विभिन्न सामाजिक संगठन एवं पत्रकार वीरेंद्र श्रीवास्तव एवं संदीप अग्रवाल को डॉ पंकज ने सम्मानित किया। साथ ही मुख्य अतिथि अनुपमा जायसवाल को स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में आशीष अग्रवाल, अनुज श्रीवास्तव, गौर निशा जी जिला पंचायत सदस्य गंगू राम निषाद, पत्रकार वीरेंद्र श्रीवास्तव वीरू, संदीप अग्रवाल, हीरू श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। आशीष श्रीवास्तव, पंकज सिन्हा, अनन्या, तोषी, शालिनी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।

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