बदलता स्वरूप फतेहपुर। अगस्त क्रान्ति दिवस भारतीय स्वाधीनता संग्राम के लिये अत्याधुनिक महत्वपूर्ण है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अजय राय के निदेश पर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद आरिफ गुडडा ने कहा कि 9 अगस्त क्रान्ति दिवस भारत छोड़ों आन्दोलन हमारे देश के वीर सपूत स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों जिस तरीके से 1857 के विद्रोह के बाद भारत में राष्ट्रीयता का उदय होने लगा था। 1885 में कांग्रेस की स्थापना के साथ इसे एक संगठित रुप देने का प्रयास किया गया था। 08अगस्त 1942 को कांग्रेस प्रतिनिधियों के साथ भारत की जनता श्री गांधी जी को सुनने के लिये बेताब थी और गांधी जी ने 70 मिनट तक भाषण दिया था। गांधी जी ने जनता को बोला था कि आपको एक मन्त्र देता हूॅ। वह मन्त्र है करो या मरो जिसका अर्थ था भारत की जनता देश की या तो आजादी प्राप्त करेंगे या संघर्ष करते हुये अपनी जान कुर्बान कर देंगे। वहीं अरविन्द सिंह सेंगर एवं मजहर खान ने कहा कि भारत छोडों आन्दोलन के खिलाफ साबकर के नेतृत्व में हिन्दु महासभा ने खुलेआम दमनकारी अंग्रजों शासकों की मदद की घोषणा की थी । महेश द्विवेदी एवं निर्मल तिवारी ने कहा कि अगस्त क्रान्ति भारत की की आजादी की लड़ाई के इतिहास में एक महत्वपूर्ण निर्णयक जनसंघर्ष की गौरवशाली दास्तान का दूसरा नाम है। प्रमुख रुप से मणि प्रकाश दुबे, ओम प्रकाश गिहार, शिवाकान्त तिवारी, शाहाब अली, हेमलता पटेल, सलीम खान, अमित श्रीवास्तव, बिजेश मिश्रा, उदित अवस्थी, हाजी वकील खान, नफीस खान आदि मौजूद थे।
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