बदलता स्वरूप वजीरगंज-गोण्डा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज में रविवार को 70 मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। अवगत कराते चले कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अगर किडनी फेलोर होने की समस्या हो तो वजीरगंज से जिला अस्पताल गोण्डा की दूरी 26 किलोमीटर है फिर भी लखनऊ तक दौड़ लगानी पड़ती हैं। इस समस्या से निजात दिलाने हेतु सामाजिक सरोकार रखने वाले लोग लगातार मांग जन प्रतिनिधियों से मांग करते चले आ रहे थे।जिसे देखते हुए संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में डायरेक्टर पद पर 15 वर्ष तक कार्यरत रहे और पिछले 5 वर्षों से वेदांता हॉस्पिटल नेफ्रोलॉजी में डायरेक्टर के पद पर रहकर प्रोफेसर डॉक्टर राजकुमार शर्मा द्वारा माह में एक बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज में निशुल्क चिकित्सा प्रदान की जा रही है। यह जानकारी ग्राम प्रधान सुशील कुमार जायसवाल ने दी है। उन्होंने बताया कि जनता की सेवा हेतु डॉक्टर ने बड़ा दिल दिखाया है।क्षेत्र की जनता को बहुत फायदा मिलेगा। स्थानीय लोगों ने खुशी जताई। प्रधान के प्रयास की भी लोग तारीफ कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों को लखनऊ जाना पड़ रहा था। प्रधान सुशील कुमार जायसवाल ने बताया की अब लोगों को लखनऊ जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सांसद प्रतिनिधि कमलेश पांडेय, सत्यदेव मिश्रा प्रधान, डॉक्टर सत्येंद्र सिंह, वर्षा सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
किडनी फेलोर मरीजों का हुआ निशुल्क इलाज
बदलता स्वरूप वजीरगंज-गोण्डा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज में रविवार को 70 मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। अवगत कराते चले कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अगर किडनी फेलोर होने की समस्या हो तो वजीरगंज से जिला अस्पताल गोण्डा की दूरी 26 किलोमीटर है फिर भी लखनऊ तक दौड़ लगानी पड़ती हैं। इस…

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