बदलता स्वरूप गोंडा। वो पथ क्या, पथिक कुशलता क्या, जिस पथ पे बिखरे शूल न हो, नाविक की धैर्य कुशलता क्या, जब धाराएं प्रतिकूल न हो, यह पंक्तियां सटीक बैठती हैं डा. सै. नाज़िम अली पर।दैनिक जागरण-आईनेक्सट की ओर से लखनऊ मे आयोजित एक्सीलेंस अवार्ड में एस. एन. युनानी परिवार से डाक्टर सैय्यद नाज़िम अली को उनके इनफर्टिलिटी चिकित्सा क्षेत्र मे अतुलनीय योगदान एवं समाज के प्रति उत्कृष्टता कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि सोशल वेलफेयर मिनिस्टर आफ़ स्टेट असीम अरूण व स्पेशल गेस्ट एल.डी.ए.वी.सी. डा. इंद्रमणि त्रिपाठी उपस्थित रहे। बता दें डा. सै. नाज़िम अली ने शिक्षा एल.बी.एस. महाविद्यालय गोण्डा से पूरी करने के पश्चात आगे की पढ़ाई करने बाहर चले गये। डा. डिग्री लाने के बाद उन्होंने लखनऊ में रहकर चिकित्सा जगत में जोर आज़माईश शुरू की और सफलता हासिल की उन्होंने एस.एन. युनानी इनफर्टिलिटी नामक संस्था बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पहले भी कई अवार्डों से नवाज़े जा चुके हैं।
मेहनत को मिला सम्मान अब और जिम्मेदारी
बदलता स्वरूप गोंडा। वो पथ क्या, पथिक कुशलता क्या, जिस पथ पे बिखरे शूल न हो, नाविक की धैर्य कुशलता क्या, जब धाराएं प्रतिकूल न हो, यह पंक्तियां सटीक बैठती हैं डा. सै. नाज़िम अली पर।दैनिक जागरण-आईनेक्सट की ओर से लखनऊ मे आयोजित एक्सीलेंस अवार्ड में एस. एन. युनानी परिवार से डाक्टर सैय्यद नाज़िम अली…

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