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कलयुग में यदि मोक्ष चाहिए तो राम कथा का श्रवण जरूरी – दद्दन मिश्रा

बदलता स्वरूप बलरामपुर। सूर्य कला श्रीराम जानकी मंदिर तुलसीपुर बलरामपुर में आयोजित श्रीराम कथा का शुभारंभ पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने विधिवत पूजन अर्चन कर किया। उन्होंने श्रीराम कथा में शामिल लोगों सम्बोधित करते हुए कहा कि कलयुग करण उपाय न कोई, राम कथा रामायण दोई। कहा कि कलयुग में अगर आप मोक्ष की प्राप्ति…

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बदलता स्वरूप बलरामपुर। सूर्य कला श्रीराम जानकी मंदिर तुलसीपुर बलरामपुर में आयोजित श्रीराम कथा का शुभारंभ पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने विधिवत पूजन अर्चन कर किया। उन्होंने श्रीराम कथा में शामिल लोगों सम्बोधित करते हुए कहा कि कलयुग करण उपाय न कोई, राम कथा रामायण दोई। कहा कि कलयुग में अगर आप मोक्ष की प्राप्ति चाहते हैं तो राम कथा का श्रवण बहुत जरूरी है। श्रीराम कथा के श्रवण से न सिर्फ मन को शांति मिलती है बल्कि चारित्रिक विकास भी होता है।
पूर्व सांसद श्री मिश्र ने कथा व्यास प्रख्यात संत भीष्म पितामह व हनुमान जी का वंदन कर कथा का शुभारंभ कराया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का पूरा जीवन मर्यादा का बोध कराता है। भगवान श्रीराम ने अपना पूरा जीवन मानवता व समाज की रक्षा के लिए समर्पित किया था। उनके जीवन में कोई चमत्कार नहीं था। जो भी था वह स्वयं के द्वारा अर्जित किया हुआ था। यही कारण है कि आज मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम सम्पूर्ण मानव जाति के लिए सम्मान के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन का एक-एक पल जीवन जीने की कला सिखाती है। पिता-माता, भाई व आम जनमानस के प्रति कैसा व्यवहार रखना चाहिए इसका एक जीवंत उदाहरण श्रीरामचरितमानस है।

पूर्व सांसद ने कहा कि सभी लोगों को अपने घरों में श्रीरामचरितमानस का पाठ करना चाहिए। घर के बच्चों को भी भगवान श्रीराम की कथा को सुनाना चाहिए। इससे मर्यादित और संस्सकारवान पीढ़ी का निर्माण होगा। कथा व्यास भीष्म पितामह महराज ने लोगों को श्रीराम कथा का श्रवण कराया। कथा सुनकर श्रोता भाव विभोर हो उठे। इस मौके पर भाजपा नेता विनय प्रकाश त्रिपाठी सहित आयोजक मंडल के कई अन्य लोग मौजूद थे।