बदलता स्वरूप अयोध्या। सिद्ध पीठ संकट मोचन हनुमान किला मंदिर के संस्थापक साकेत वासी महंत रामविलास दास जी महाराज की आठवीं पुण्यतिथि महंत रामदास व महंत परशुराम दास महाराज के संयोजन में मनाया गया। महाराज जी के पुण्यतिथि के अवसर पर सुंदरकांड का पाठ और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। खाक चौक और संकट मोचन हनुमान किला मंदिर के महंत परशुराम दास जी महाराज ने बताया कि श्री श्री महाराज बाईपास पर आश्रम बनाकर के संतो असहाय व गरीबों की सेवा में तत्पर रहते थे और सेवा को ही धर्म मानते थे। हमेशा अपने शिष्यों भक्तों को सेवा का ही धर्म मानने का उपदेश दिया करते थे। श्री महाराज जी भजन में तल्लीन रहते थे। उनकी आठवीं पुण्यतिथि पर अयोध्या के संतो ने भाव रूपी श्रद्धांजलि अर्पित की। महाराज जी को खाकचौक के मंहत बृजमोहन दास, खाकचौक मुख्य पुजारी रामचरण दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, दिगंबर अनी अखाड़ा श्री महंत मुरली दास, संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा संजय दास, महंत बलराम दास, महंत राम कुमार दास,राजेश पहलवान हनुमानगढ़ी, पार्षद अंकित त्रिपाठ, श्री चंद्र यादव सहित सैकड़ो संतो महंतों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
संकट मोचन हनुमान किला के संस्थापक महन्त राम विलास दास की मनाई गई आठवीं पुण्यतिथी
बदलता स्वरूप अयोध्या। सिद्ध पीठ संकट मोचन हनुमान किला मंदिर के संस्थापक साकेत वासी महंत रामविलास दास जी महाराज की आठवीं पुण्यतिथि महंत रामदास व महंत परशुराम दास महाराज के संयोजन में मनाया गया। महाराज जी के पुण्यतिथि के अवसर पर सुंदरकांड का पाठ और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। खाक चौक और संकट…

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