बदलता स्वरूप लखनऊ। संत कुटी पलटूराम मंदिर सतरिख रोड चिनहट लखनऊ श्री मद् भगवद् फाउंडेशन द्वारा आयोजित चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने सुदामा चरित्र का प्रसंग श्रद्धालुओं को सुनाया। सुदामा चरित्र का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। कथा सुनाते डा. कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि कभी भी मित्र के साथ धोखा नही करना चाहिए। डा. कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने कहा सुग्रीव और विभीषण से मित्रता कर राम ने उसे आजीवन निभाया। सुग्रीव को न्याय दिलाने में राम ने अहम भूमिका निभाई तो रावण का वध कर विभीषण को राजा बनाया। राम उन सभी के शत्रु थे जो अनैतिक कार्य में लिप्त रहे। राम ने राक्षसों का वध करके आमजनों को सुखमय जीवन प्रदान किया और भयमुक्त समाज की कल्पना को साकार किया। उन्होंने यह भी बताया कि भागवत कथा ही ऐसी कथा है, जिसके श्रवण मात्र से ही मनुष्य मोक्ष की प्राप्ति कर लेता है। भगवान कृष्ण के सामान कोई सहनशील नही है। क्रोध हमेशा मनुष्य के लिए कष्टकारी होता है।इसके साथ कथा के अंतिम दिन श्री कृष्ण लीला में श्री कृष्ण का जन्म, बाल कथा, मधुवन में गोपियों के साथ रास-लीला उसके बाद कंश वध आदि गाथाओ का वर्णन हुआ। कथा में मन-मुग्ध होकर महिला मंडल ने नृत्य भी किया। ज्योतिष गुरू पंडित अतुल शास्त्री ने कथा का श्री कृष्ण की आरती के साथ समापन करते हुए श्रद्धालुओं को अगले दिन भण्डारे के लिए आमंत्रित किया। खूशबू दिनेशानंद मुख्य यजमान राजेश पाठक नीतू पाठक हैं।
श्रीराम जी उन सभी के शत्रु थे जो अनैतिक कार्य में लिप्त रहें-डां.कौशलेन्द्र
बदलता स्वरूप लखनऊ। संत कुटी पलटूराम मंदिर सतरिख रोड चिनहट लखनऊ श्री मद् भगवद् फाउंडेशन द्वारा आयोजित चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने सुदामा चरित्र का प्रसंग श्रद्धालुओं को सुनाया। सुदामा चरित्र का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। कथा सुनाते डा. कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री…

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