बदलता स्वरूप गोंडा। जिलाधिकारी नेहा शर्मा के निर्देश के अनुक्रम में बालश्रम निरोधक अभियान श्रमविभाग,चाइल्ड हेल्पलाइन, एएचटीयू यूनिट की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया। जिसके अंतर्गत जनपद गोंडा के कटरा बाजार चन्दवतपुर आदि स्थानों पर अभियान चला कर चार सेवायोजक के विरूद्ध नोटिस जारी की गयी। खतरनाक प्रक्रिया के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरूद्ध दो वर्ष तक की सजा या 50000/ रूपए तक का जुर्माना तथा गैर खतरनाक प्रक्रिया के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर सेवायोजक को एक माह तक की सजा या 10000/ रूपए तक जुर्माना या दोनों से दण्डित किये जाने का प्रावधान है।सभी जनपद वासियों से अनुरोध है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बालकों वा किशोरों से काम न लें। अभियान में श्रम विभाग से श्रम प्रवर्तन अधिकारी योगेश दीक्षित, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सतेन्द्र प्रताप, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर आशीष मिश्रा, अपराजिता संस्था के जिला समन्वयक विकास जायसवाल, चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर माखन लाल तिवारी, एएचटीयू से प्रभारी उप निरीक्षक अरुण कुमार, उपनिरीक्षक राम किशोर प्रसाद हेका गऊ चरन व महिला आरक्षी अमिता पटेल आदि मौजूद रहे।
बालश्रम निषेध अभियान में चार सेवायोजक को नोटिस
बदलता स्वरूप गोंडा। जिलाधिकारी नेहा शर्मा के निर्देश के अनुक्रम में बालश्रम निरोधक अभियान श्रमविभाग,चाइल्ड हेल्पलाइन, एएचटीयू यूनिट की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया। जिसके अंतर्गत जनपद गोंडा के कटरा बाजार चन्दवतपुर आदि स्थानों पर अभियान चला कर चार सेवायोजक के विरूद्ध नोटिस जारी की गयी। खतरनाक प्रक्रिया के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों…

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