गोण्डा। श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश के आदेश तथा जिलाधिकारी के निर्देश के अनुक्रम में बालश्रम निरोधक अभियान श्रमविभाग ,चाइल्ड लाइन, एएचटीयू यूनिट की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया जिसके अंतर्गत तिवारी बाजार बेलसर रोड आदि स्थानों पर छापे मार कर कुल 3 बाल श्रमिकों को कार्य से अवमुक्त कराया गया व सेवायोजकों के विरूद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई। अवमुक्त कराए गए बच्चों का कोविड टेस्ट, चिकित्सकीय परीक्षण कराकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। खतरनाक प्रक्रिया के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरूद्ध दो वर्ष तक की सजा या 50000/ रूपए तक का जुर्माना तथा गैर खतरनाक प्रक्रिया के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर सेवायोजक को एक माह तक की सजा या 10000/ रूपए तक जुर्माना या दोनों से दण्डित किये जाने का प्रावधान है।सभी जनपद वासियों से अनुरोध है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बालकों व किशोरों से काम न लें।
अभियान में योगेश दीक्षित व सतेंद्र प्रताप श्रम प्रवर्तन अधिकारी गोंडा, नया सवेरा योजना से टीआरपी चंद्रेश यादव,चाइल्ड लाइन से कोआर्डिनेटर आशीष मिश्रा टीम सदस्य व राजू चौधरी एएचटीयू से उपनिरीक्षक राम किशोर प्रसाद हेका गउचरन व महिलाय आरक्षी मीनू यादव एसजेपीयू से महिला आरक्षी बबिता सिंह व का अरविंद राय आदि मौजूद रहे।
श्रम विभाग द्वारा अभियान चला कर मुक्त कराये गये बाल श्रमिक

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