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श्रीमद् भागवत गीता श्री राम चरित्र मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग हुई तेज साधु महात्माओं का मिला समर्थन

अयोध्या रामचरित मानस सहित धार्मिक ग्रन्थों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने का अभियान तेज होता जा रहा है इस अभियान को मित्र मंच की तरफ से शुरू किया गया जिसे व्यापक जन समर्थन के साथ अयोध्या के संतों महंतों का पूर्ण समर्थन मिल रहा है इसके समर्थन में दिनों दिन जनसमूह सड़कों पर उतर कर…

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अयोध्या रामचरित मानस सहित धार्मिक ग्रन्थों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने का अभियान तेज होता जा रहा है इस अभियान को मित्र मंच की तरफ से शुरू किया गया जिसे व्यापक जन समर्थन के साथ अयोध्या के संतों महंतों का पूर्ण समर्थन मिल रहा है इसके समर्थन में दिनों दिन जनसमूह सड़कों पर उतर कर अपनी मांग सरकार के सामने रख रहा है इस अभियान में साधु महात्माओं के साथ राजनीतिक नेताओं का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है जिनमें भावी मेयर पद के प्रत्याशी शरद बाबा पाठक का भरपूर सहयोग व समर्थन मिल रहा है।
वरिष्ठ भाजपा नेता व मित्रमंच के राष्ट्रीय प्रमुख शरद पाठक “बाबा” नें सहयोगियों के साथ शुरू किया अभियान।
रामलला के मुख्यपुजारी ने भी प्रमुख रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराईइससे पहले जनपद के अधिवक्ताओं का मिल चुका है समर्थन।

मांग को लेकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री मित्रमंच भेज चुका है मांग पत्र। प्रेस वार्ता में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास जी महाराज, महंत सत्येंद्र दास वेदांती जी, महंत नारायण मिश्रा जी , वरुण दास जी सहित कई साधु संत उपस्थित रहे।