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खतरे के निशान से ऊपर पहुंची राप्ती ने फिर शुरू किया डराना

इसरार अहमद बदलता स्वरूप श्रावस्ती। नेपाल सहित जिले में बुधवार देर रात शुरू हुई बारिश रुक-रुककर गुरुवार शाम तक जारी रही। ऐसे में नेपाल के कुसुम बैराज से आने वाले पानी के कारण राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा, जो खतरे के निशान को पार कर 95 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। इससे नदी…

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इसरार अहमद

बदलता स्वरूप श्रावस्ती। नेपाल सहित जिले में बुधवार देर रात शुरू हुई बारिश रुक-रुककर गुरुवार शाम तक जारी रही। ऐसे में नेपाल के कुसुम बैराज से आने वाले पानी के कारण राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा, जो खतरे के निशान को पार कर 95 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। इससे नदी के तटवर्तीय गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी की उग्र लहरें अब तेजी से कटान भी कर रही हैं। वहीं जिले में बुधवार रात से लेकर गुरुवार शाम तक काफ़ी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही नेपाल में तेज वर्षा के कारण गुरुवार सुबह से ही राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। जो शाम 6 बजे तक जमुनहा के राप्ती बैराज पर जलस्तर 128.65 सेंटीमीटर मापा गया, जो खतरे के निशान 127.70 से 95 सेंटीमीटर अधिक था। बताया जाता है कि गुरुवार सुबह आठ बजे ही जलस्तर मे वृद्धि शुरू हुयी और 12 बजते ही खतरे के निशान को पारकर,दोपहर दो बजे तक नदी का जलस्तर 128.30 पहुँच गया। इसके बाद तीन बजे 128.60 जो पाँच बजे तक यही क्रम जारी रहा है। जबकि शाम 6 बजे जलस्तर तेजी से बढ़ा और 128.65 पर पहुँच गया। लगातार नेपाली पानी के चलते राप्ती मे बढ़ रहे जलस्तर से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने लगी है, जिससे एक बार फिर नदी किनारे बसे लोगो की धड़कने तेज़ हो गयी है। वहीं नदी मे जलस्तर बढ़ता देख प्रशासनिक अमला एलर्ट हो गया है,उपजिलाधिकारी जमुनहा संजय राय ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो का दौरा कर जायज़ा लेते हुए जिम्मेदारो को आवश्यक निर्देश दिए है।