बदलता स्वरूप रामगांव, बहराइच। एनसीईआरटी पर आधारित बृजकोर्स के माध्यम से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को परिवेशीय ज्ञान,समावेशीकरण, लैंगिक समानता के साथ साथ नैतिकता, स्वच्छता और एकता को बढ़ावा दिया जा सकता है यह बातें निपुण भारत मिशन के तहत ब्लाक संसाधन केंद्र बेडनापुर पर चल रहे शिक्षकों के चार दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण के चौथे बैच के प्रथम दिवस में उपस्थित शिक्षकों के मध्य खण्ड शिक्षा अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार जैन ने कही। मंगलवार को एफएलएन प्रशिक्षण के प्रथम दिवस मास्टर ट्रेनर डॉ एन के शुक्ला ने बताया कि बच्चों में अंग्रेजी भाषा के विकास के लिये बृजकोर्स जरूरी है।सन्दर्भदाता सुनील कुमार परिहार ने कहा कि हिंदी के साथ-साथ बच्चों में अंग्रेजी भाषा की समझ बनाने के लिए प्राथमिक स्तर से ही उनको अंग्रेजी भाषा का ज्ञान प्रदान करना बहुत ही जरूरी है।सन्दर्भदाता डॉ सगीर अहमद ने बताया कि शिक्षक कक्षा एक और दो में अंग्रेजी शिक्षण के समय एनसीईआरटी आधारित पुस्तक मृदंग का प्रयोग जरूर करें।सन्दर्भदाता अनूप कुमार मिश्र ने बताया कि यह पुस्तक बच्चों को कक्षा एक से ही अंग्रेजी भाषा के प्रति उनकी समझ को विकसित करने में सहायक है। सन्दर्भदाता हलीम अहमद ने अपने संबोधन में बताया कि शिक्षक खेल खेल में टी एल एम व शून्य नवाचार के माध्यम से भी बच्चों में शिक्षा प्रदान करें। जिससे बच्चे प्रसन्न मन से शिक्षा ग्रहण करेंगे। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षक उत्कर्ष तिवारी, संध्या सिंह, बृजेन्द्र पांडेय, असफिया, सुनीता, कंचन, प्रियंका, आराधना, तस्लीम, रश्मि, डा प्रीती सिंह सहित सैकड़ों प्रतिभागी उपस्थित रहे। इसकी जानकारी उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार यादव ने दीं।
अंग्रेजी भाषा के विकास में मृदंग पुस्तक है रामवाण-बीईओ पुष्पेंद्र कुमार जैन
बदलता स्वरूप रामगांव, बहराइच। एनसीईआरटी पर आधारित बृजकोर्स के माध्यम से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को परिवेशीय ज्ञान,समावेशीकरण, लैंगिक समानता के साथ साथ नैतिकता, स्वच्छता और एकता को बढ़ावा दिया जा सकता है यह बातें निपुण भारत मिशन के तहत ब्लाक संसाधन केंद्र बेडनापुर पर चल रहे शिक्षकों के चार दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण के चौथे…

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