बदलता स्वरूप श्रावस्ती। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया है कि जनपद श्रावस्ती में संदीप त्रिपाठी पुत्र जगदीश त्रिपाठी, निवासी साउथ सिटी रायबरेली रोड लखनऊ द्वारा शासकीय विभागों में उच्चअधिकारियों का नाम लेकर दबाव बनाया जाता है। स्वयं व अपने से जुड़ी हुई कम्पनियों को ठेका दिलाने का कार्य किया जाता है। यह एक सिंडीकेट के रूप में कई सारी कम्पनियों से सम्पर्क करके रखता है और एक कम्पनी के ब्लैक लिस्ट होने पर दूसरी कम्पनी के माध्यम से कार्य लिया जाता हैउक्त व्यक्ति के विरूद्ध जनपद लखनऊ एवं श्रावस्ती में पहले से ही ठगी व जालसाजी के 02-02 अभियोग पंजीकृत हैं, जनपद लखनऊ के मड़ियांव थाने में 85 लाख की ठगी करने के आरोप में अभियोग पंजीकृत है जबकि लखनऊ के ही पीजीआई थाने में स्वयं को आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों का परिचित बताकर सरकारी नौकरी के नाम पर 30 लाख की ठगी करने के आरोप में अभियोग संख्या-0644, अन्तर्गत धारा 406, 506, भा0द0सं0 पंजीकृत है। श्रावस्ती जनपद में मो0 शाहिद पुत्र मो0 हामिद, निवासी मो0 पुरानी बाजार भिनगा को टेण्डर दिलाये जाने के नाम पर संदीप त्रिपाठी द्वारा रू0 650000 की ठगी की गई, जिसके कारण थाना इकौना में अभियोग संख्या-0273, भादसं की धारा 406 व 420 के अन्तर्गत पंजीकृत कराया गया है। जनपद श्रावस्ती में एक दूसरा अभियोग संख्या-0389, भादसं की धारा 409 के अन्तर्गत थाना कोतवाली भिनगा में पंजीकृत है, जो बेसिक शिक्षा विभाग में डेस्क-बेंच की आपूर्ति मानक के अनुरूप तथा निर्धारित मात्रा के अनुसार न करने के आरोप में है। जिलाधिकारी, ने यह भी बताया है कि इनके द्वारा व्हाट्सअप चैट के माध्यम से एक फर्म विशेष को कार्य दिलाने के लिए बाध्य किया जा रहा है और इस बात की धमकी दी जा रही है कि यदि इस फर्म को काम नही मिलता है,तो परिणाम अच्छा नही होगा। श्री त्रिपाठी द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डाली गयी है और आन-ड्यिूटी अधिकारियों को धमकी दी गयी है। इन्ही तथ्यों को देखते हुए संदीप त्रिपाठी के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया जा रहा है।
जनपद मे जाल-साजी एवं ठगी करने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज
बदलता स्वरूप श्रावस्ती। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया है कि जनपद श्रावस्ती में संदीप त्रिपाठी पुत्र जगदीश त्रिपाठी, निवासी साउथ सिटी रायबरेली रोड लखनऊ द्वारा शासकीय विभागों में उच्चअधिकारियों का नाम लेकर दबाव बनाया जाता है। स्वयं व अपने से जुड़ी हुई कम्पनियों को ठेका दिलाने का कार्य किया जाता है। यह एक सिंडीकेट…

Previous Post
Next Post
You May Have Missed





