बदलता स्वरूप गोण्डा। तरबगंज तहसील क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में सरयू- टेंढी नदी के बाढ़ और जलभराव से हजारों नागरिकों के साथ मवेशियों की दुश्वारियां बढ़ गई है। बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए तैनात प्रशासनिक अमला महज कागजों में राहत की आपूर्ति कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज चौबे ने पिछले कई दिनों से विधानसभा क्षेत्र तरबगंज के दर्जनों बाढ़ ग्रस्त व जलभराव क्षेत्रों में भ्रमण कर प्रभावित नागरिकों को अपने स्तर से सहयोग देने के बाद आरोप लगाते हुए कहा है कि विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की दुश्वारियों को दूर करने के लिए प्रशासन गंभीर नहीं है। प्रशासन द्वारा पीड़ितों को दी जा रही मदद नाकाफी है। सरकारी कर्मचारी कागजों में राहत के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहे हैं। सपा नेता मनोज चौबे ने रगड़गंज स्थित पार्टी शिविर कार्यालय से जारी बयान में कहा है कि तरबगंज तहसील क्षेत्र में सरयू व टेढ़ी नदी कि बाढ़ से साखीपुर, दत्तनगर, गोकुला, नक़हरा, ऐली माझा आदि गांवों व मजरों में बाढ से पूरी बस्ती में पानी भर गया है। गांव के आवागमन के सभी रास्ते पानी से डूबे हैं। किसानों की धान व मक्का की फसलें जल भराव से नष्ट है गई हैं।जलभराव से बच्चों की पढ़ाई ठप है और आम नागरिक विशेष रूप से बुजुर्ग बुखार पेंचिस दस्त आदि जल जनित बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। बाढ़ से क्षेत्र में भारी जल जमाव से मवेशियों के लिए चारे की विकट समस्या पैदा हो गई है। प्रशासन की ओर से उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। श्री चौबे ने प्रशासन से मांग किया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत केन्द्र की स्थापना कर पीड़ित नागरिकों को निर्धारित मानक के अनुसार समुचित सहायता दी जाए। इस मौके पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सपा के स्थानीय कार्यकर्ता साथ रहे।
बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदनशील नहीं प्रशासनिक अमला-मनोज चौबे
बदलता स्वरूप गोण्डा। तरबगंज तहसील क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में सरयू- टेंढी नदी के बाढ़ और जलभराव से हजारों नागरिकों के साथ मवेशियों की दुश्वारियां बढ़ गई है। बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए तैनात प्रशासनिक अमला महज कागजों में राहत की आपूर्ति कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ…

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