, ,

ध्रुव चरित्र से दी प्रेरणा, भागवत कथा में बताया जीवन का उद्देश्य-डॉ प्रभाकर शरण

महेन्द्र कुमार उपाध्यायअयोध्या। श्री राम नगरी के स्थित तुलसी सत्संग भवन सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस की बेला में व्यास पीठ से डॉ. प्रभाकर शरण महाराज ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि नारद शिष्य ध्रुव ने अटल तपस्या से भगवान का मनमोह लिया। जिससे अपना और अपने परिवार का…

2 minutes

Read Time

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। श्री राम नगरी के स्थित तुलसी सत्संग भवन सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस की बेला में व्यास पीठ से डॉ. प्रभाकर शरण महाराज ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि नारद शिष्य ध्रुव ने अटल तपस्या से भगवान का मनमोह लिया। जिससे अपना और अपने परिवार का नाम अक्षय कर लिया। भागवत महामात्मय का प्रसंग आगे बढाघ्ते हुए उन्होंने कहा कि भागवत ही भगवान है। भागवत भगवान का अक्षरावतार है। वक्ता श्रोता के धर्म को विवेचना करते हुए बताया कि वक्ता का चरित्र स्वच्छ होना चाहिए. वहीं श्रोता भगवान के प्रति समर्पित होना चाहिए। वक्ता प्रेरणा का पुंज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान जीव का उद्धार करते हैं। उन्होंने कहा कि आप सब पर ठाकुर जी की कृ पा है। जिसकी वजह से आप अवध शाम में कथा का आनंद ले रहे है। श्रीमद भगवत कथा का रसपान कर पा रहें हैं क्योंकि जिन्हें गोविन्द प्रदान करते है जितना प्रदान करते है उसे उतना ही मिलता है। कथा में यह भी बताया की अगर आप भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए, कुछ सीखने के उद्देश्य से, कुछ पाने के उद्देश्य से आएं तो ये भागवत कथा जरूर आपको कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ देगी। मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की मक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान संसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य राम, कृ ष्ण प्राप्ति शाश्वत है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य राम और कृष्ण को पाकर ही जीवन छोडना है और अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए, प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या सम्पदा नहीं है। इस अवसर पर बाल व्यास गोपालानंद महाराज एवं समस्त सत्संग परिवार उपस्थित रहे। ताकि विश्राम बेला पर यजमान अंजनी देवी आरती उतारी और प्रसाद वितरण किया गया।