ई आरके जायसवाल
बदलता स्वरूप ग्रुरूग्राम। साइबर सिटी के नाम से विख्यात एक ग्रुरूग्राम के कई एरिया ऐसा है जहां थोड़ी सी भी बरसात हो जाए तो तालाब जैसा प्रतीत होता है। लेकिन इसी साइबर सिटी राजीव चौक से दश मिनट के दूरी पर एक क्षेत्र ऐसा है जहां थोड़ी सी भी बरसात हो जाए तो नाव चलाने कि आवश्यकता जैसा प्रतीत होता है, और यहां बिन बरसात भी मारुति कुंज गेट पर तालाब बनी रहती है। ज्ञात हो कि यह वही सोसायटी है जहां देश प्रतिष्ठित कम्पनी में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी यहां अपने सपरिवार के साथ रहते हैं। ऐसा नहीं है कि पानी जमा होने का कारण निगम या किसी छोटे बड़े जनप्रतिनिधि को नहीं मालूम है और ऐसा भी नहीं कि इस परेशानि से लोग चूप बैठे हैं। सभी अपने-अपने कर्मों को निभा भी रहे हैं। मारुति कुंज रोड कि बात करें तो यहां एक बार घूमने पर प्रतीत होगा कि यहां सभी अपने घर व अपने अपने ब्लाक कि गली के लिए कितने गंभीर है सोसायटी से लेकर हरेक गली के गेट पर बड़ी बड़ी ब्रेकर बनाई है। और तो और पूरे साइबर सिटी नाम से विख्यात इस शहर में जितने जनप्रतिनिधियों की होर्डिंग नहीं लगी होगी उतनी ही ज्यादा इस रोड पर लगी हुई है और मानो यह ऐसा कह रहा हो कि हम सब परेशानी दूर कर देंगे। रही बात निगम कि अधिकारियों कि तो सूनाई देगा कि वह आपकी परेशानी को देखते हुए बेहद संवेदनशील है और जल्द से जल्द इसे सुचारू रूप से कार्य व्यवस्थित परेशानी दूर करेंगे।
नाव के लिए तरसता मारुति कुंज रोड
ई आरके जायसवालबदलता स्वरूप ग्रुरूग्राम। साइबर सिटी के नाम से विख्यात एक ग्रुरूग्राम के कई एरिया ऐसा है जहां थोड़ी सी भी बरसात हो जाए तो तालाब जैसा प्रतीत होता है। लेकिन इसी साइबर सिटी राजीव चौक से दश मिनट के दूरी पर एक क्षेत्र ऐसा है जहां थोड़ी सी भी बरसात हो जाए तो…

Tags: taja khabar
Previous Post
Next Post
You May Have Missed





