बदलता स्वरूप गोण्डा ।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी सुश्री माधवी पांडेय ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भाँति चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में “राज्य निधि योजना” के अन्तर्गत दीपावली पर्व के अवसर पर दिव्यांगजनों के लिए “दीपावली मेले” का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। मेले का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए चित्रों, हस्तकला एवं अन्य उपयोगी व आकर्षक उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराना है।उन्होंने बताया कि दीपावली मेले के माध्यम से दिव्यांगजनों की रचनात्मकता, हुनर एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित किया जाएगा। मेले में दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित विभिन्न प्रकार के उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को जनसामान्य तक पहुँचाने का अवसर भी मिलेगा। इससे दिव्यांगजनों को अपनी कला एवं कौशल का प्रदर्शन करने तथा स्वावलम्बन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन प्राप्त होगा।मेले के दौरान विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से दिव्यांगजनों की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने तथा उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रमों के माध्यम से दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास बढ़ाने और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने बताया कि मेले के आयोजन के लिए इच्छुक स्वैच्छिक संस्थाएं अपना प्रस्ताव तीन प्रतियों में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, गोण्डा के कमरा संख्या-35 में उपलब्ध करा सकती हैं। प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण करने के उपरान्त नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही करते हुए प्रस्ताव निदेशालय को प्रेषित किए जाएंगे। इच्छुक संस्थाओं से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय से अपना प्रस्ताव उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई है।








