बदलता स्वरूप जरवलरोड बहराइच।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को रसायनमुक्त एवं कम लागत वाली कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने तथा मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सोमवार को आईपीएल प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, जरवल में प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में करीब 150 किसानों ने सक्रिय सहभागिता की।जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला गंगा समिति, बहराइच तथा नोडल अधिकारी जिला गंगा समिति, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता एवं संयोजक जिला गंगा समिति, प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेशा के निर्देशानुसार आयोजित कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती की उपयोगिता और इसके व्यावहारिक लाभों की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने किसानों को जीवामृत, बीजामृत और प्राकृतिक कृषि आदानों के उपयोग के साथ प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। बताया गया कि प्राकृतिक खेती से कृषि लागत में कमी लाने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटाने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलती हैअधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुंचाने और किसानों को टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धति से जोड़ने के लिए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। करीब 150 किसानों की सहभागिता के साथ कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।कार्यक्रम में अविनाश गुप्ता, जिला परियोजना अधिकारी, जिला गंगा समिति, ओंकार नाथ यादव, क्षेत्रीय वनाधिकारी, कैसरगंज रेंज, टी.एस. राणा, जनरल मैनेजर, आईपीएल, डॉ. आर.वी. राय, डॉ. पी.एन. पाण्डेय, डिप्टी कमिश्नर केन तथा हर्षित सिंह, सचिव, सहकारी गन्ना समिति, बहराइच सहित विभागीय अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ एवं अन्य अतिथिगण मौजूद रहे।








