इंदिरा आवास ढहा, परिवार बेघर

इंदिरा आवास

  • मंगलवार देर रात भरभराकर गिरा जर्जर मकान, मलबे में दबकर बर्बाद हुई गृहस्थी
  • हादसे में बाल-बाल बची महिला, अब खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर

गोण्डा। कभी गरीब परिवार के लिए सिर छिपाने का सहारा बना इंदिरा आवास मंगलवार देर रात भरभराकर ढह गया। मकान के मलबे में परिवार की गृहस्थी के साथ वर्षो की जमा-पूंजी और उम्मीदें भी दब गई। हादसे के समय घर के भीतर सो रही निर्मला मलबे में दब गई। शोर सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने मलबा हटाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई।कोतवाली देहात क्षेत्र की माधवपुर ग्राम पंचायत के मजरा दामोदर पुरवा निवासी शिवाकांत शुक्ल का परिवार इसी मकान में रह रहा था। निर्मला ने बताया कि उनके पिता अवध बिहारी शुक्ल को वर्षो पहले इंदिरा आवास योजना के तहत मकान मिला था। समय के साथ मकान जर्जर होता गया। शिवाकांत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मंगलवार देर रात अचानक मकान गिरने से खाने-पीने की सामग्री, बर्तन और गृहस्थी का अधिकांश सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया। मकान ढहने के बाद परिवार के पास रहने के लिए कोई छत नहीं बची है। पूरी रात परिवार खुले आसमान के नीचे बैठकर उजड़े आशियाने को निहारता रहा। परिजनों ने प्रशासन से तत्काल आवास और आर्थिक सहायता दिलाने की गुहार लगाई है। सूचना पर ग्राम प्रधान आनंद प्रकाश ओझा और हल्का लेखपाल पहुंचे और नुकसान का आकलन किया।

Related Articles

Back to top button