जब तक सांस रही, तब तक साथ रहे… और जब विदा हुए, तो चिता भी एक ही सजी।

“सुल्तानपुर का कादीपुर इलाका आज गहरे मातम और एक ऐसे सन्नाटे में डूबा है, जिसकी गूंज हर संवेदनशील दिल को चीर रही है। कुंभी डढ़िया गांव के जिस स्कूल परिसर में बच्चों का भविष्य संवरता था, वहां मंगलवार की सुबह जो खौफनाक मंजर दिखा, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश सिंह जी और उनकी जीवनसंगिनी विनीता सिंह जी को जिस बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया, उसने हर किसी की रूह कंपा दी है।लेकिन इस खौफनाक वारदात के दर्द के बीच, कल श्मशान घाट से सामने आई एक तस्वीर ने वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखों को समंदर बना दिया।

एक ही चिता पर पंचतत्व में विलीन हुआ अटूट साथ*

…कहते हैं जोड़ियां आसमान में बनती हैं, पर मुकेश जी और विनीता जी ने इस बात को अपनी अंतिम विदाई में भी सच साबित कर दिखाया। जीवन के सफर में सुख-दुख साझा करने वाले इस दंपत्ति को मौत भी जुदा नहीं कर सकी।कल जब दोनों की अंतिम यात्रा निकली, तो मानो पूरा इलाका रो पड़ा। श्मशान घाट पर परिजनों और ग्रामीणों ने एक ऐसा फैसला लिया जिसे देखकर हर इंसान का कलेजा मुंह को आ गया—दोनों के लिए अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही चिता सजाई गई।जिस तरह उन्होंने जिंदगी के हर मोड़ पर एक-दूसरे का हाथ थामे रखा, ठीक उसी तरह वे दोनों एक ही चिता पर एक साथ लेटाए गए। जैसे ही मुखाग्नि दी गई, अग्नि देव ने दोनों की देह को एक साथ अपनी गोद में समेट लिया। शादी के वक्त अग्नि के फेरे लेते हुए साथ निभाने की जो कसमें खाई गई थीं, कल उसी अग्नि ने उन दोनों को हमेशा-हमेशा के लिए एक-दूजे में विलीन कर दिया। 🙏😔

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