गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ दी गई विदाई

गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ दी गई विदाई

चार दिन तक विधि-विधान से हुआ पूजन-अर्चन, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना

गोण्डा। गणेश चतुर्थी के अवसर पर आवास विकास प्रथम स्थित हर्ष लतिका के आवास पर चार दिनों तक विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ भगवान गणेश का पूजन-अर्चन किया गया। पांचवें दिन शुक्रवार को गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष के बीच नम आंखों से भगवान गणेश को अंतिम विदाई दी।
विसर्जन से पूर्व श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान गणेश से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए उत्साह और श्रद्धा के साथ प्रतिमा को विसर्जन कर्नलगंज के सरजू घाट में विसर्जित किया गया ।
इस अवसर पर दुर्गेश श्रीवास्तव, सोनिका, देवेश, पूनम, अश्विन श्रीवास्तव, साधना पंकज सिन्हा, अरविन्द श्रीवास्तव गप्पू भईया, विवेक श्रीवास्तव,पूजा, दिनेश श्रीवास्तव , अन्जू, राजन श्रीवास्तव ,गगन श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। विसर्जन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष भगवान गणेश के पुनः आगमन की कामना की।

संतुलित आहार से ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की नींव : डॉ. रमा मौर्या

गोण्डा। सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पीजी कॉलेज, गोण्डा में पोषण पखवाड़े के अंतर्गत गृह विज्ञान विभाग द्वारा “पोषण एवं संतुलित आहार” विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रमा मौर्या रहीं।
कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती रंजना बंधु, सुनीता मिश्रा एवं सुषमा सिंह ने मुख्य अतिथि डॉ. रमा मौर्या का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. रमा मौर्या ने संतुलित आहार के अर्थ, आवश्यकता और महत्त्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार का अर्थ महंगे खाद्य पदार्थों का सेवन करना नहीं है। घर की रसोई और आसपास के खेतों में उपलब्ध अनाज, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को उचित मात्रा और अनुपात में शामिल कर कम खर्च में भी संतुलित एवं पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने छात्राओं को आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन एवं अन्य खनिज तत्वों की शरीर में भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयरन की कमी से एनीमिया, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि कैल्शियम हड्डियों एवं दांतों को मजबूत रखने के लिए आवश्यक है। उन्होंने हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, गुड़, चना, तिल, दूध, दही तथा मौसमी फलों को दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी।
डॉ. रमा मौर्या ने कहा कि एक स्वस्थ एवं सुपोषित महिला ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला होती है। परिवार की महिलाएं जब अपने पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगी, तभी वे पूरे परिवार के स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रख सकेंगी। उन्होंने छात्राओं को नियमित समय पर भोजन करने तथा जंक फूड, अत्यधिक तले-भुने और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से बचने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. आरती श्रीवास्तव ने डॉ. रमा मौर्या के ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी व्याख्यान के लिए आभार व्यक्त किया। इसके बाद मुख्य अतिथि को सुंदर पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कॉलेज एडमिन डॉ. आनंदिता रजत सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए संतुलित आहार, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

Related Articles

Back to top button