रामजानकी मंदिर मामले में विवेचक ने दर्ज किया बयान

Iमहेन्द्र कुमार उपाध्याय अयोध्या। अयाेध्याधाम के काेटिया धर्मकांटा निवासी अधिवक्ता अश्विनी कुमार ने सीओ कार्यालय टेढ़ीबाजार में विवेचक के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने बाद प्रेसवार्ता के दरम्यान बताया कि श्रीरामजानकी मंदिर जाे रामजन्मभूमि वीवीआईपी गेट धर्मकांटा के सामने है। वह उनका पैतृक मंदिर है। जहां पर उनके चाचा द्वारा रखा गया पुजारी बगल में रहने वाले रामजानकी दास के साथ मिलकर मंदिर काे हड़पना चाहता है। जबकि पुजारी काे पहले ही मंदिर से निष्कासित किया जा चुका है। रामजानकी दास एक दुर्दांत अपराधी है। जाे साधु का छद्म वेष बनाकर रह रहा है। कोर्ट के आदेश पर थाना रामजन्मभूमि में रामबली दास, रामजानकी दास एवं 10-12 अज्ञात लोगों के विरूद्ध संज्ञेय अपराध में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें मामले में 25 जुलाई को बयान दर्ज कराने के बाद पुनः विवेचक के समक्ष बयान दर्ज कराने आये थे, जिसकाे विवेचक ने दर्ज किया। रात्रि का समय रहा, इसलिए घटनास्थल का निरीक्षण संभव नहीं था। अभियुक्तगण खुलेआम घूम रहे हैं। जाे एक के बाद एक लगातार अपराध करते चला जा रहा है। विगत 12 अगस्त को अभियुक्तगणों द्वारा मेरे मकान का स्वरूप परिवर्तित करने के उद्देश्य से बाहर लगे शिलापट को बदल दिया गया है। अन्दर के भी शिलापट को बदल दिया होगा। साथ ही बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़कर बीते 14 अगस्त की रात्रि को गायब कर दिया गया है। अपराधी लगातार साक्ष्यों से छेड़छाड़ करते जा रहे हैं। जबकि डीजीपी का आदेश है कि एफआईआर दर्ज होते ही थाने के भार साधक अधिकारी को तत्काल घटनास्थल को संरक्षित करना चाहिए। किन्तु पुलिस ने ऐसा नहीं किया, जिससे अपराधियों के हौसले बुलन्द हैं। क्षेत्राधिकारी अयोध्या तथा पुलिस के उच्च अधिकारियों से मांग है कि अयोध्या में कानून का राज स्थापित करें। रामजानकी दास जैसे दुर्दान्त अपराधी अयोध्या में नाम तथा भेष बदलकर रह रहे हैं। जाे लगातार अपराध कारित कर रहा है। इन लोगों के डर से मैं अपने मकान व चैम्बर नहीं जा पा रहा हूँ। अधिवक्ता अश्विनी कुमार ने आराेप लगाते हुए कहा कि अज्ञात लोगों का जमावड़ा लगातार मेरे मकान पर लगा हुआ है। पुलिस प्रशासन तत्काल कार्यवाही करें। ये लोग मेरी हत्या कराना चाहते है। पुलिस प्रशासन कोई सुरक्षा नहीं उपलबध करा रहा है। न ही मेरे मकान पर काेई सुरक्षा लगी है। मुझे तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाए।

Related Articles

Back to top button