चित्रांश समाज ने कलम दवात की पूजा की

बदलता स्वरूप गोण्डा। कलम दवात की पूजा कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन कलम और दवात की पूजा की जाती है।सनातन धर्म के अनुसार, भगवान चित्रगुप्त मनुष्यों के सभी अच्छे और बुरे कर्मों का लेखा रखते हैं। उनकी पूजा करने से जीवन में सरलता, उन्नति, मधुर वाणी, और बुद्धि का विकास होता है। माना जाता है कि चित्रगुप्त पूजा का महत्व कायस्थ समुदाय में विशेष रूप से है, क्योंकि उन्हें भगवान चित्रगुप्त के वंशज यानी ‘चित्रांश’ माना जाता है। इसी के अंतर्गत आज मंदिर शृंगार कुंज ठाकुरद्वारा श्री चित्रगुप्त मंदिर राजा मोहल्ला में भगवान श्री चित्रगुप्त का पूजन किया गया, यहां पर बच्चों को बुलाकर उनके आराध्य देव के बारे में बताई गई एवं कलम दवात की पूजा क्यों की जाती है बच्चों को बताया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य जजमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रश्मि वर्मा एवं दंत रोग विशेषज्ञ डॉ पीयूष रंजन रहे। इस कार्यक्रम में नवीन चन्द्र किशोर अरविंद श्रीवास्तव गप्पू भैया अश्विनी श्रीवास्तव पंकज सिन्हा डॉ अभय श्रीवास्तव आलोक सिन्हा अनिल श्रीवास्तव दिलीप श्रीवास्तव अवधेश श्रीवास्तव अजय शंकर बंटी प्रमोद नंदन का सहयोग रहा। इसके साथ गुरु नानक चौराहे पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया इस भंडारे को सफल बनाने में हर्षवर्धन नेहरू विवेक श्रीवास्तव गगन श्रीवास्तव कमल श्रीवास्तव रमेश श्रीवास्तव, तरुन श्रीवास्तव हर्षित दीप प्रियांश का अहम योगदान रहा।

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