CMO साहब के नाक के नीचे 500-1000 का ‘खेल’! अमहट CT स्कैन सेंटर पर धांधली का बड़ा पर्दाफाश*
सुल्तानपुर:अमहट स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के ठीक बगल में बने सीटी स्कैन सेंटर पर भ्रष्टाचार का तगड़ा सिंडिकेट चल रहा है। लाचार और गरीब मरीज घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते-करते पस्त हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ से दबंग लातबाज PRD का जवान आनंद कुमार के द्वारा अंदर बैठे कर्मचारियों की जेब गर्म करके ‘चोर रास्ते’ से सीटी स्कैन कराया जा रहा है।
*500 और 1000 रुपये दो, तुरंत सीटी स्कैन कराओ!*
भयंकर बीमारी और दर्द से कराहते गरीब मरीज सुबह से लाइन में खड़े रह जाते हैं, लेकिन कतार आगे बढ़ने का नाम नहीं लेती। आरोप है कि सेंटर पर दंबग लातबाज PRD का जवान आनंद कुमार के द्वारा मरीजों से ₹500 से ₹1000 की ‘सुविधा शुल्क’ लेकर बिना लाइन के मरीजों का सीटी स्कैन कर रहे हैं। नोट थमाते ही मरीज सीधा मशीन तक पहुंच जाता है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि यह पूरा खेल जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य अधिकारी (CMO) के दफ्तर के ठीक बगल में चल रहा है। अधिकारी एसी कमरों में बैठे हैं और उनकी नाक के नीचे गरीबों के हक पर डाका डाला जा रहा है। दूर-दराज के गांवों से आए मरीजों का कहना है कि जिनके पास रिश्वत देने के पैसे नहीं हैं, उन्हें ‘कल आना’ कहकर टरका दिया जाता है या फिर दिनभर कतार में खड़ा रखकर बिना स्कैन किए लौटा दिया जाता है। आपको बताते चले इस PRD जवान का चंद माह पहले एक वीडियो शोसल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें ए एक गरीब रिक्शा चालक को पैर से मार रहा था।
स्वास्थ्य विभाग की इस भारी लापरवाही और खुलेआम जारी घूसखोरी ने सरकारी दावों की हवा निकाल दी है। गरीब जनता अब यही पूछ रही है कि जिम्मेदार अधिकारी इस घूसखोर सिंडिकेट पर बुलडोजर चलाएंगे या 500-1000 रुपये के इस खेल पर आंखें मूंदे रहेंगे?
*500 और 1000 रुपये दो, तुरंत सीटी स्कैन कराओ!*
भयंकर बीमारी और दर्द से कराहते गरीब मरीज सुबह से लाइन में खड़े रह जाते हैं, लेकिन कतार आगे बढ़ने का नाम नहीं लेती। आरोप है कि सेंटर पर दंबग लातबाज PRD का जवान आनंद कुमार के द्वारा मरीजों से ₹500 से ₹1000 की ‘सुविधा शुल्क’ लेकर बिना लाइन के मरीजों का सीटी स्कैन कर रहे हैं। नोट थमाते ही मरीज सीधा मशीन तक पहुंच जाता है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि यह पूरा खेल जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य अधिकारी (CMO) के दफ्तर के ठीक बगल में चल रहा है। अधिकारी एसी कमरों में बैठे हैं और उनकी नाक के नीचे गरीबों के हक पर डाका डाला जा रहा है। दूर-दराज के गांवों से आए मरीजों का कहना है कि जिनके पास रिश्वत देने के पैसे नहीं हैं, उन्हें ‘कल आना’ कहकर टरका दिया जाता है या फिर दिनभर कतार में खड़ा रखकर बिना स्कैन किए लौटा दिया जाता है। आपको बताते चले इस PRD जवान का चंद माह पहले एक वीडियो शोसल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें ए एक गरीब रिक्शा चालक को पैर से मार रहा था।
स्वास्थ्य विभाग की इस भारी लापरवाही और खुलेआम जारी घूसखोरी ने सरकारी दावों की हवा निकाल दी है। गरीब जनता अब यही पूछ रही है कि जिम्मेदार अधिकारी इस घूसखोर सिंडिकेट पर बुलडोजर चलाएंगे या 500-1000 रुपये के इस खेल पर आंखें मूंदे रहेंगे?



